मंगलवार, 19 जून 2018

जेकेके में टेक्सटाईल एक्जीबिशन 22 जून से


जेकेके में टेक्सटाईल एक्जीबिशन 22 जून से 
प्रदर्शित होगा आजाद भारत के वस्त्रों का इतिहास
मूमल नेटवर्क, जयपुर। जवाहर कला केंद्र में 1947 के बाद के भारत में वस्त्रों के इतिहास पर आधारित एक प्रदर्शनी 22 जून से शुरु होने जा रही है। इस टेक्सटाईल एक्जीबिशन के माध्यम से 1947 के बाद भारत के हस्तनिर्मित वस्त्रों में हुये विकास को प्रदर्शित किया जाएगा। जेकेके द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी 'न्यू ट्रेडिशंस: इन्फ्लुएंसेस एंड इंस्पीरेशंस इन इंडियन टेक्सटाइल्स, 1947-2017' 31 जुलाई तक चलेगी।
1947 में भारत की आजादी के बाद की थीम पर आधारित यह प्रदर्शनी विभिन्न विषयों पर आधारित होगी। इन थीम में राष्ट्रीय आंदोलन; खादी एवं 20वीं शताब्दी के आरम्भ से मध्य में यूरोपीयन-औपनिवेशिक संघर्षो से हुए प्रभावों तथा 1950 से वर्तमान समय की अंतर्राष्ट्रीय आधुनिकता के साथ हुए जुड़ाव शामिल होंगे। इसी प्रकार इसमें 1970 के दशक से ग्राम आधारित शिल्प एवं वस्त्रों में आरम्भ होने वाले बदलाव भी यहां प्रदर्शित किये जाऐंगे, जिसके जरिए टेक्सटाईल को मूर्तिकला के साधनों एवं रूपकों के अतिरिक्त शहरी वस्त्रों की वर्तमान डिजाइन और भारतीय सादगी दर्शायी जाएगी।
कला, डिजाइन, फैशन एवं शिल्प को प्रस्तुत करते हुए इस प्रदर्शनी में कपड़ों पर पेंटिंग्स, टेपिस्ट्रीज, मूर्तियां, कालीन एवं गलीचे, साड़ी, वस्त्र एवं कपड़ों पर रचनात्मक अभिव्यक्ति के विभिन्न स्वरूप प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही यहां सामग्री एवं तकनीक की वे विकास यात्राएं प्रदर्शित की जाएंगी, जिसने रचनात्मक निर्माताओं, मास्टर कारीगरों, शिल्पकारों, कलाकारों, डिजाइनरों के साथ-साथ प्रयोगात्मक, आला दर्जे के डिजाइन स्टूडियोज, लोकप्रिय एवं प्रसिद्ध ब्रांड्स को दिशा प्रदान दी है।
प्रदर्शनी के दौरान 2 जुलाई को एक्जीबिशन में एक विशेष प्रदर्शन भी होगा जिसमें मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद की सदस्य, कला एवं संस्कृति, राजस्थान सरकार, मालवीका सिंह गेस्ट ऑफ ऑनर होंगी। यह प्रदर्शनी मयंक मानसिंह कौल द्वारा क्यूरेट की गई है और रेहा सोढ़ी द्वारा डिजाइन की गई है।
प्रदर्शनी के प्रतिभागी कलाकार व डिजाइनर
अमित अग्रवाल, बशोबी तिवाड़ी, बेरेनाईस इलिना, चारू वाधवा, घिओरा अहारोनी, मनीषा अरोड़ा, रितेन मजूमदार, रितु कुमार, संजय गर्ग एवं तूफान रफाई। इनके अतिरिक्त इसमें 11:11, अब्राहम एंड ठाकुर, अनोखी, बंधेज, खमीर, लेसेज, द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, द रजिस्ट्री ऑफ सारीज् और द वीवर्स सर्विस सेंटर्स जैसे स्टूडियोज, ब्रांड्स एवं संगठनों का प्रतिनिधित्व रहेगा।
इस प्रदर्शनी में द देवी आर्ट फाउंडेशन, नई दिल्ली;  लेखा एंड अनुपम पोद्दार, नई दिल्ली; प्रिया पॉल, नई दिल्ली; द म्यूजियम ऑफ आर्ट एंड फोटोग्राफी, बैंगलुरू और डॉ. मोनिशा अहमद, मुम्बई द्वारा प्रासंगिक आर्ट एवं टेक्सटाईल कलेक्शनंस को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी में नेचर मॉर्ट एंड आर्ट मोटिफ, नई दिल्ली और झावेरी कंटम्प्रेरी, मुम्बई का भी योगदान रहेगा। 

1 टिप्पणी:

Sarkari Job ने कहा…

The candidates who want to make their career in teaching profile, it is compulsory for them to qualify UPTET 2018 exam so that they can apply for the teaching job in government sector. The UP TET consist of 2 papers.