सोमवार, 12 अगस्त 2019

दिल्ली समसामयिक कला सप्ताह का आगाज एक सितंबर से

दिल्ली समसामयिक कला सप्ताह का आगाज एक सितंबर से 
मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली। अंजू और अतुल डोडिया, अनोली परेरा, तैयबा बेगम लिपि, रवि अग्रवाल और जी आर ईराना सहित अंतरराष्ट्रीय समसामयिक भारतीय कलाकारों की 50 से अधिक कलाकृतियां दिल्ली समसामयिक कला सप्ताह (डीसीएडब्ल्यू) के तीसरे संस्करण में प्रदर्शित की जाएंगी। एक सितंबर से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में स्थापित और उभर रहे कलाकारों की दक्षिण एशिया में समसामयिक कलाकृतियों को पेश किया जाएगा। यहां विजुअल आट्र्स गैलरी में होने वाला कार्यक्रम एक सप्ताह चलेगा।
आयोजकों ने एक बयान में बताया कि इसमें ऐसे कलाकार भाग लेंगे जो हमारे दौर में तेजी से बदल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था, पारिस्थितिकी, परिदृश्य और पहचान की राजनीति से जुड़े काम को पेश करेंगे। इसमें जगन्नाथ पांडा, सचिन जॉर्ज सेबास्टियन, सुजीत, विपेक्षा गुप्ता, कुमारेसन सेल्वाराज, सुनोज डी, गिहान करुणारत्ने, महबूबुर रहमान, नूर अली चगानी, प्रज्ज्वल चौधरी, राधिका अग्रवाल, श्वेता भट्टड, अरुणकुमार एचजी, पुनीत कौशिक और मंजूनाथ कामत भी भाग लेंगे।

2.8 करोड़ की बिक्री हुई ताज पैलेस कला नीलामी में

2.8 करोड़ की बिक्री हुई ताज पैलेस कला नीलामी में 
मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली। ताज ग्रुप ऑफ  होटल्स की 115वीं वर्षगांठ के अवसर पर, दिल्ली के प्रतिष्ठित 5-सितारा होटल ताज पैलेस ने भारतीय आधुनिक और समकालीन कला की एक आकर्षक लाइनअप की नीलामी के माध्यम से 2.8 करोड़ रुपये जुटाए।  इसमें से 40 फीसदी हिस्सा ताज पब्लिक सर्विस वेलफेयर ट्रस्ट को दान किया गया। होटल ने कल शनिवार 11 अगस्त को जारी एक बयान में यह जानकारी दी। यह ट्रस्ट आतंकवाद, प्राकृतिक आपदा के पीडि़तों और सशस्त्र बलों के सदस्यों की मदद करता है, ताकि उनके जीवन के पुनर्निर्माण में मदद मिल सके। नीलामी से एकत्र रकम का बाकी 60 फीसदी हिस्सा डीएजी के पास जाएगा।
आर्ट गैलरी के डीएजी कलेक्शन में अमृता शेरगिल, एफ.एन. सूजा, एम.एफ. हुसैन, एस.एच. रजा, जैमिनी रॉय, के.एच.अरा, सोहन कादरी और शक्ति बर्मन की चित्रकृतियों की नीलामी की गई। शुक्रवार 10 अगस्त को हुई नीलामी में शेरगिल (1913-41) की एक अनाम ग्रेफाइट-ऑन-पेपर पेटिंग 70 लाख रुपये में बिकी। वहीं, विश्व प्रसिद्ध कलाकार एम.एफ. हुसैन (1913-2011) की 1982 की वॉटरकलर पेंटिंग - 'दैट ऑबस्कियोर ऑब्जेक्ट ऑफ डिजायर' 22 लाख में बिकी।
ताज की इस लाइव नीलामी 'ऑर्ट फ्राम द हार्ट' में कोई रिजर्व नहीं था और ना ही बायर्स प्रीमियम रखा गया था। डीएजी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष आनंद न कहा कि, प्रत्येक काम को भारतीय कला के व्यापक स्वरूप को दर्शाने के लिए चुना गया है। इस सेलेक्शन को क्यूरेट करने के दौरान हमने यह सुनिश्चित किया कि नीलामी के चुनी जा रही पेंटिंग्स विभिन्न अवधि का प्रतिनिधित्व करें (1952 से 2005 तक)। और ये काम अलग-अलग माध्यमों के हैं, और इनकी शैली लाक्षनिक से अमूर्त तक, मनुष्य से लेकर परिदृश्य तक और लोक आधुनिकतावाद से उच्च आधुनिकतावाद तक है।
(ये खबर सिंडिकेट फीड से ऑटो-पब्लिश की गई है)
साभार

हर्षित कुरुस्वानी को सिन्धी आइडल का खिताब

हर्षित कुरुस्वानी को  सिन्धी आइडल का खिताब
सिन्धी आइडल (गायन) प्रतियोगिता 2019 सम्पन्न
मूमल नेटवर्क, जयपुर। सिन्धी आइडल (गायन) प्रतियोगिता 2019 में कोटा के युवा गायक हर्षित कुरुस्वानी को सिन्धी आइडियल का खिताब हासिल हुआ है। प्रतियोगिता में दूसरे विजेता जयपुर के गोकुल उदासी घोष्ति किए गए। तीसरा स्थान कोटा की भूमि को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर अपनी बेहतरीन गायकी के लिए पांच अन्य गायकों को भी सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सिन्धी आइडल  (गायन) प्रतियोगिता 2019 का फाइनल राउण्ड, राजस्थान सिन्धी अकादमी एवं बीइंग सिन्धी फाउंडेशन के संयुक्त तत्ववाधान में सम्पन्न हुआ। राघ्ट्रीय सिन्धी समाज जिला जयपुर के सहयोग से यह आयेजन कल 11 अगस्त की शाम एसएमएस हास्पीटल के कैम्पस में स्थित जे.एम.ए. कन्वेन्शन हॉल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विधान सभा के मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी थे।
सिन्धी आइडियल के चुनाव के लिए प्रथम चरण की गायन प्रतियोगिताएं जयपुर, अजमेर, कोटा व उदयपुर में आयोजित की गई थीं। इन चार शहरों के आयोजनों में से 28 प्रतिभागियों को फाइनल राउण्ड के लिए चुना गया था।
प्रतियोगिता में प्रथम विजेता रहे हर्षित कुरुस्वानी को पुरस्कार स्वरूप 31 हजार रुपए,  गोकुल उदासी को द्वितीय पुरस्कार स्वरूप 21 हजार एवं भूमि को 11 हजार रुपए का तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ ही पांच प्रतियोगियों को उनकी बेहतरीन गायकी के लिए 3-3 हजार की पुरस्कार राशि दी गई। सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागी अजमेर के भरत गोकलानी व पूनम नवलानी, नसीराबाद के ओमप्रकाश बबलानी, जयपुर की रुचिका टी. चंदानी, केकड़ी की आशा रंगवानी हैं। कार्यक्रम का संयोजन अनिता शिवनानी ने किया।

रविवार, 4 अगस्त 2019

ललित कला अकादमी का 65वां स्थापना दिवस समारोह कल से

ललित कला अकादमी का 65वां स्थापना दिवस समारोह कल से
मूमल नेटवर्क, दिल्ली। ललित कला अकादमी भव्य समारोह के साथ अपना 65वां स्थापना दिवस मनाने जा रही है। अकादमी ने इस समारोह को विशेष बनाते हुए महिला कलाकारों और भारतीय सेना के शोर्य चित्रण को प्रमुखता दी है। स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन कल 5 अगस्त को सुबह साढे नौ बजे होगा। इसमें महिला कला शिविर, कला प्रदर्शनियां व पुस्तक लोकार्पण के कार्यक्रम होंगे। यह समारोह 12 अगस्त तक चलेगा।े 65वें स्थापना दिवस के उपलक्ष में ललित कला अकादमी कई कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत 5 अगस्त से होगी। मुख्य अतिथी के रूप में पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर कलाकारों व अतिथियों के साथ संस्कार भारती के संस्थापक पद्मश्री बाबा योगेन्द्रनाथ, संस्कार भारती अध्यक्ष वासुदेव कामत, इंदिरा गांधी राघ्ट्रीय कला केन्द्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानन्द जोशी व अकादमी अध्यक्ष डॉ. उत्तम पचारणे उपस्थित होंगे।
स्थापना समारोह में राष्ट्रीय स्तर का महिला कलाकार शिविर का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही अकादमी संग्रह में उपलब्ध महिला कलाकारों की कृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन होगा। पोस्टकार्ड पर भारतीय सेना का अभिनन्दन करती जीवन्त चित्र प्रस्तुति की प्रदर्शनी भी इस समारोह का हिस्सा होगी। पुस्तक-मिथिला की लोक चित्रकला का लोकापर्ण भी इस अवसर पर किया जाएगा।
चित्र प्रदर्शनियां 12 अगस्त की शाम तक चलेंगी।

मंगलवार, 30 जुलाई 2019

यह चित्रकार नींद में करता है चित्रकारी

यह चित्रकार नींद में करता है चित्रकारी
मूमल डेस्कवर्क।
बहुत से लोगों को नींद में चलने या बड़बड़ाने की बीमारी होती है। लेकिन एक ऐसा इंसान है, जो नींद में तस्वीरें बनाता है। इनका नाम है ली हैडविन।
ली हैडविन ब्रिटेन के वेल्श सूबे के कार्डिफ़ शहर में रहते हैं। ली हैडविन जब केवल चार बरस के थे, तो उन्होंने दीवार पर चित्र बनाने शुरू कर दिए थे दुनिया के अन्य बच्चों की तरहा। फर्क केवल इतना था कि वो सोने के बाद नींद में ड्रॉइंग बनाते थे। जैसे-जैसे वो बड़े होते गए, सोते हुए चित्र बनाने का उनका हुनर और सुधरता गया।
जब वो 15 साल के थे, तो हैडविन ने हॉलीवुड अभिनेत्री मर्लिन मुनरो के तीन पोट्र्रेट बनाए लेकिन, आज उन्हें इसकी बिल्कुल याद नहीं है। मज़े की बात यह है कि सोते हुए बारीक चित्र बनाने वाले ली हैडविन जागते हुए कोई चित्रकारी नहीं कर पाते।
नींद में चित्रकारी का रहस्य
ली की इस हैरान कर देने वाली कला के बारे में कार्डिफ़ यूनिवर्सिटी की पेनी लुइस ने रिसर्च की है। उनका कहना है कि सोते हुए चित्र बनाना, उनके आधे सोए और आधे जागे मस्तिष्क की वजह से है। पेनी लुइस का कहना है कि लोग नींद में करवट बदलते हैं, बड़बड़ाते हैं या फिर चलने लगते हैं। यह सब हमारे दिमाग़ में मची उथल-पुथल का नतीजा होता है जो कि बहुत सामान्य घटना है। लेकिन, ली हैडविन का मामला इससे भी आगे चला गया है। वो पेंसिल, ब्रश और यहां तक कि हड्डियों से भी चित्र गढऩे लगते हैं।
पेनी लुइस कहती हैं कि ली के दिमाग़ की बनावट और काम करने का तरीका दोनों ही बहुत पेचीदा हैं। पेनी इस पेचीदगी भरे दिमागी मामले को समझने की कोशिश कर रही हैं। वो कहती हैं कि जब हम सो रहे होते हैं, तो ये मान कर चलते हैं कि हमारा ज़हन भी सो रहा है। लेकिन, हमारे दिमाग़ का एक हिस्सा उस समय भी बहुत सक्रिय होता है। वो जागते समय किए जाने वाले काम का अभ्यास करता है। नई बातें और हुनर सीखता है। यादें संजोता है। हमारे मस्तिष्क के पास इतना काम होता है कि उसके पास सोने की फुरसत ही नहीं होती है।
ली हैडविन भी इस बात को सवीकार करते हैं। वो कहते हैं कि सोते समय उनके ज़हन में किसी कला प्रदर्शनी का ख्याल आता है। जिसमें अलग-अलग सेक्शन होते हैं। अक्सर वो इन्हीं सेक्शन के हिसाब से चित्रकारी करते हैं।
पेनी लुइस कहती हैं कि सोते हुए हमारे दिमाग़ के तर्क गढऩे वाले हिस्से को नींद आ जाती है। लेकिन, दिमाग़ का वो हिस्सा जो जज़्बात महसूस करता है और उन्हें नियंत्रित करता है, वो जागता रहता है। इसे लिम्बिक ब्रेन कहते हैं जो सोते हुए भी जागता रहता है। पेनी लुइस के मुताबिक़, ली हैडविन के ज़हन में जो होता हुआ हम देख रहे हैं, उसका ताल्लुक़ इंसान के इवोल्युशन यानी क़ुदरती विकास की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। जैसे कि,
आदि मानव जब जंगल में रहते थे, तो उन्हें सोते समय भी चौकन्ना रहना होता था। ताकि कोई ख़तरा आए तो वो तुरन्त वहां से बचने के लिए भाग सकें।
चित्रकार ली हैडविन अपनी इस आदत की वजह से कई बार बहुत परेशान भी हो जाते हैं। रात के समय
अचानक जागते हैं, तो पसीने-पसीने हो जाते हैं। डर लगता है। घबराहट होती है।
पेनी लुइस कहती है कि सोते हुए लोग हत्या, बलात्कार और चोरी जैसी घिनौनी हरकतें कर डालते हैं। ऐसे में ली हैडविन सोते हुए चित्र बनाते हैं, तो ये अच्छी बात है कि अपने दिमाग़ के इस उलट-फेर से वो अपराध की तरफ़ नहीं झुके, बल्कि उन्होंने कलारचना शुरू की।
पेनी का कहना है कि जागते समय ली हैडविन को अपनी कला का हुनर याद नहीं रहता। इसकी वजह यहे हो सकती है कि दिमाग़ पूरी तरह से इस बात को मानने को तैयार नहीं कि उन्हें यह हुनर आता है। जब उनके दिमाग की बाधा दूर कर दी जाएगी, तो शायद वो जागते हुए भी ख़ूबसूरत चित्र बना सकेगे।
                                                                                                       (साभार बीबीसी)

बुधवार, 17 जुलाई 2019

ललित कला अकादमी में उप सचिव और अन्य पदों के लिए भर्ती

ललित कला अकादमी में उप सचिव और अन्य पदों के लिए भर्ती
मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली।
ललित कला अकादमी ने उप सचिव और अन्य पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। पात्र उम्मीदवार 13 अगस्त 2019 को या उससे पहले ऑफलाइन आवेदन के माध्यम से पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। पात्र उम्मीदवार 12 अगस्त 2019 को या उससे पहले डॉ। उत्तम पचारने, ललित कला अकादमी के अध्यक्ष को निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन भेज सकते हैं।
रिक्ति का विवरण
उप सचिव (प्रशासन और लेखा): 01 पद
उप सचिव (कार्यक्रम / प्रलेखन और प्रकाशन): 01 पद
क्षेत्रीय सचिव: 02 पद
उत्पादन सहायक: 01 पद
नौकरी करने का स्थान
ललित कला अकादमी, नई दिल्ली

सोमवार, 24 जून 2019

राजस्थानी मांडना नवीन कला विधाओं संग

राजस्थानी मांडना नवीन कला विधाओं  संग
मूमल नेटवर्क, अजमेर। राजस्थानी मांडना नवीन कला विधाओं  संग कार्यशाला का एक दिवसीय आयोजन लोक कला संस्थान द्वारा किया गया।
कार्यशाला में शामिल कला शिक्षक लक्ष्य पाल सिंह राठौड़ ने इस अवसर पर कहा कि, लोक कलाएं हमारे जीवन का अभिन्न अंग रही है, वर्तमान में यह कलाएं विलुप्त होने के कगार पर है इन्हें संरक्षित करने व आमजन की इनमें रुचि जागृत करने के लिए इन्हें नवीन कला विधाओं के साथ चित्रित किया जाए तो यह अधिक आकर्षक एवं मनभावन होगी।
कार्यशाला संयोजक लोक कला संस्थान के संजय सेठी ने बताया कि कार्यशाला में कला प्रेमियों को परंपरागत मांडना को नवीनता के साथ चित्रित करने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होने कहा कि,  कार्यशाला में भाग लेने वाले कलाकार अपनी नवीन पेंटिंगो के साथ शीघ्र अजमेर में भव्य कला प्रदर्शनी का आयोजन करेंगे। आयोजन में अलका शर्मा, मीनाक्षी मंगल, किरण खत्री व छवि सैनी का विशेष सहयोग रहा।