बुधवार, 23 अगस्त 2017

जेकेके ने वित्तीय सहायता देने के लिए चुनी तीन महिला निर्देशक

जेकेके ने  वित्तीय सहायता देने के लिए 
 चुनी तीन महिला निर्देशक
मूमल नेटवर्क, जयपुर। जेकेके में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली के सहयोग से जून में आयोजित की गई राष्ट्रीय स्तर की थियेटर वर्कशॉप की प्रतिभागियों में से तीन महिला निर्देशकों का ज्यूरी द्वारा वित्तीय सहायता के लिए चयन किया गया है। इन तीनों महिला निर्देशकों को एक-एक लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। चुनी गई महिला लिर्देशक हैं, राजस्थान की मूमल तंवर व वाग्मी राघव तथा चंडीगढ़ की अम्बिका कमल। वित्तीय सहायता के साथ इन्हें नाटकों को तैयार करने में नेशनल स्कूल ऑफ  ड्रामा की फैकल्टी का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
महिला निर्देशकों को चुनने के लिए गठित ज्यूरी मेम्बर थीं त्रिपुरारी शर्मा, कीर्ति जैन एवं नीलम मानसिंह।

जेकेके की थियेटर कलाकारों को वित्तीय सहायता देने की योजना

  
   जेकेके की थियेटर कलाकारों को 
वित्तीय सहायता देने की योजना
एक से छ: लाख रुपए तक की होगी वित्तीय सहायता
प्रस्ताव आमन्त्रित
अन्तिम तिथी 20 व 29 सितम्बर

मूमल नेटवर्क, जयपुर। जवाहर कला केन्द्र द्वारा थियेटर कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तिय सहायता देने कका निर्णय लिया गया है। दी जाने वाली वित्तीय सहायता में युवाओं और महिलाओं को प्रमुखता दी जाएगी। वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए जेकेके ने राजस्थान के कलाकारों से प्रस्ताव आमन्त्रित किए हैं। केन्द्र द्वारा यह सहायता युवा निर्देशकों को प्रोत्साहित करने तथा  थिएटर जगत में महिला निर्देशकों की संख्या बढ़ाने के साथ थिएटर में नवाचारों को शामिल करने के उद्देश्य से दी जा रही है।
यह रहेगी प्रक्रिया
युवा निर्देशकों के लिए

प्राप्त प्रस्तावों में से जेकेके द्वारा गठित थिएटर विशेषज्ञों की राष्ट्रीय स्तर की ज्यूरी द्वारा युवा निर्देशकों के तीन नाटकों का चयन किया जाएगा। इन नाटकों के निर्देशकों को नाटक के निर्माण एवं तैयारी के लिए एक-एक लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान किया की जायेगी।
युवा थियेटर निर्देशकों की श्रेणी में वित्तीय सहायता के प्रस्ताव भेजने के लिए निर्देशक की उम्र 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। साथ ही उन्हें थिएटर निर्देशन का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव मांगा गया है। प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 20 सितम्बर, 2017 है।
चयनित नाटकों का जेकेके में दो बार मंचन किया जाएगा।
वरिष्ठ निर्देशक या थिएटर संस्था के लिए
एक वरिष्ठ निर्देशक या थिएटर संस्था को छह लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जायेगी। इसके लिए चुने गए थिएटर आर्टिस्ट या संस्था के नाटक का जेकेके में तीन बार मंचन किया जाएगा, जो एक बार 'नवरस' में भी शामिल होगा। इसमें आवेदन करने हेतु निर्देशक को कम से कम 5 वर्ष का निर्देशन अनुभव मांगा गया है। प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 29 सितम्बर 2017 है।

मंगलवार, 22 अगस्त 2017

आर्ट फेयर का तीसरा एडीशन 13 अक्टूबर से
मूमल नेटवर्क, अहमदाबाद। अहमदाबाद आर्ट फेयर के तीसरे एडीशन की शुरुआत 13 अक्टूबर से की जा रही है। तीन दिवसीय फेयर का समापन 15 अक्टूबर को होगा। इस वर्ष का फेयर स्कलपचर्स व इंस्टॉलेशन पर आधारित होगा। फेयर में गांधीजी को केन्द्र में रखकर एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता 'गांधी और मैं' में गांधीजी और उनके विचारों को स्कलपचर्स और इंस्टॉलेशन के माध्यम से अभिव्यक्त करना होगा। श्रेष्ठ कृति को एक लाख इक्यावन हजार रुपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा। पुरस्कृत कृति को जन सेवा कार्य के लिए डोनेट करने की योजना है। फेयर में कलाकारों के साथ आर्ट गैलेरीज, फाउण्डेशन तथा इंस्टीट्यूटस भी हिस्सा ले सकते हैं।

          
फोटोग्राफी फैलोशिप के लिए आवेदन आमन्त्रित
मूमल नेटवर्क, दिल्ली। इण्डिया हैबिटेड सेन्टर फोटोग्रराफी क्षेत्र की फैलोशिप के लिए आवेदन आमन्त्रित कर रही है। आवेदन की अन्तिम तारीख 15 अक्टूबर है। 25 से 50 वर्ष की आयु वाले भारतीय नागरिक ही इस फैलोशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। फैलोशिप की राशि 2 लाख रुपए है।

सोमवार, 21 अगस्त 2017

38वीं छात्र कला प्रदर्शनी

 
38वीं छात्र कला प्रदर्शनी
प्रविष्टियां जमा करवाने की अन्तिम तारीख 14 सितम्बर
मूमल नेटवर्क, जयपुर। राजस्थान ललित कला अकादमी द्वारा 38वीं छात्र कला प्रदर्शनी के लिए राजस्थान के कला विद्यार्थियोंं से कलाकृतियां आमन्त्रित की जा रही हैं। अकादमी में कलाकृतियां जमा करवाने की अन्तिम तिथि 14 सितम्बर है।
सर्वश्रेष्ठ 10 कृतियों को 5-5 हजार रुपए की नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। प्रविष्टिी हेतु विद्यार्थी अधिकतम तीन कृतियां ही भेज सकते हैं। प्रदर्शनी के लिए प्रविष्टियां भेजने वाले विद्यार्थी की आयु 15 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

रविवार, 20 अगस्त 2017

'अननोन्स-2' प्रदर्शनी का उद्घाटन आज शाम 5 बजे

'अननोन्स-2' प्रदर्शनी का उद्घाटन आज शाम 5 बजे

                   
                   जयपुर के चन्द्रशेखर जैन का काम सम्मिलित
मूमल नेटवर्क, अमृतसर। भारत के 13 युवा कलाकारों की कृतियों से सजी प्रदर्शनी 'अननोन्स-2' का उद्घाटन आज शाम 5 बजे इण्डियन अकेडमी ऑफ फाईन आर्टस की कला दीर्घा में किया जाएगा। उद्घाटन अकेडमी अध्यक्ष राजिन्द्र्र्र मोहन सिंह चिन्ना करेंगे।

इस प्रदर्शनी में भारत के विभिन्न हिस्सों में बसे 13 युवा कलाकारों की कल्पना व सोच उनकी कृतियों में देखी जा सकेगी। प्रदर्शनी में राजस्थान के चन्द्रप्रकाश जैन सहित उत्तराखण्ड से अत्रि चेतन, दिल्ली से आयुष बंसल, उत्तर प्रदेश से मयंक सैनी, उड़ीसा से अजमीरा खातून, भाग्यश्री बेहरा, समरेन्द्र बेहरा, संजय राऊल, श्राबनी मोहन्ती व श्रावन्ती मिश्रा तथा पश्चिम बंगाल से संदीप देव, देबू मण्डल व सीमान्त पाउल अपनी कृतियों के साथ हिस्सा ले रहे हैं।
यह प्रदर्शनी 24 अगस्त तक चलेगी।

गुरुवार, 17 अगस्त 2017

'द वर्ल्ड कैलिग्राफी बिनाले' में भारत से एकमात्र विनय शर्मा

 'द वर्ल्ड कैलिग्राफी बिनाले' में भारत से 

एकमात्र विनय शर्मा

मूमल नेटवर्क, जयपुर। कोरिया में आगामी 21 अक्टूबर से 19 नवम्बर तक आयोजित होने वालेे 'द वर्ल्ड कैलिग्राफी बिनाले' में प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकार विनय शर्मा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आयोजन अध्यक्ष के आमन्त्रण पर वो इसमें अपनी कृतियों के साथ उपस्थित हो रहे हैं। इससे पहले विनय ने कतर में दोहा एशियाई खेलों के दौरान आयोजित एशियन आर्ट प्रदर्शनी में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस बैनाले में विनय अपनी कैलीग्राफी कृतियों के प्रदर्शन के साथ लाईव डेमो का भी प्रदर्शन करेंगे।

विनय ने प्राचीन लिपियों की कैलिग्राफी में पुरातन का आधुनिकता में समावेश किया हैं। कैलीग्राफी में उनकी प्रयोगधर्मिता सराहनीय है। उनकी कलाकृतियों में कैलीग्राफी के अनूठे दृश्य उभर कर सामने आते हैं। काफी समय पहले इन्होंने प्रकृति और जीवन से जुड़ी कैलिग्राफी श्रृंखला बनाई थी। इसमें पेड़-पौधों और जीवन से जुड़े सरोकारों की मनोरम प्रस्तुति हुई थी। इन्होंने अपने स्टूडियों में होने वाली विभिन्न कलाओं के अंत:संबंधों पर आधारित प्रयोग यथा नृत्य, नाट्य, वास्तु से जुड़े दृश्यों को भी कैलिग्राफी में व्यक्त किया था। कुछ समय पहले ही लघु कैनवस पर इन्होंने कैलिग्राफी शैली में गणेश के विविध रूपों को प्रदर्शित किया था।
कोरिया में आयोजित होने जा रहे 'द वर्ल्ड कैलिग्राफी बिनाले' में विनय शर्मा भारतीय संस्कृति से जुड़े आख्यानों आधारित अपनी कैलिग्राफी पेंटिंग का प्रदर्शन करेंगे। विनय शर्मा बताते हैं, 'कैलीग्राफी अथवा अक्षरांकन लिखने की ही नहीं कलाकृतियों रचने की भी दृश्यात्मक शैली है। प्राचीन काल में कैलीग्राफी के जरिए ही इतिहास का चित्रात्मक प्रदर्शन किया जाता था। अतीत से जुड़े संदर्भों की कैलिग्राफी दृश्य कहलाती है।'
 उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड कैलिग्राफी बिनाले' विश्वभर के कैलिग्राफी कलाकारों का साझा मंच है।