रविवार, 12 अगस्त 2018

प्रदर्शनी डेवोशन में दिखे संस्कृति के विभिन्न रंग


प्रदर्शनी डेवोशन में दिखे संस्कृति के विभिन्न रंग
मूमल नेटवर्क, जयपुर। आईसीए गैलरी में इन दिनों समूह प्रदर्शनी डेवोशन लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। लम्बे अर्से के बाद जयपुर के रंगों के साथ अन्य प्रदेशों के रंग देखना अच्छा लग रहा है। कलाकारों ने अपनी कूचि से मनोभावों का डेवोशन आकर्षक रूपाकारों में उकेरा है। प्रदर्शनी में भारत के 55 प्रतिष्ठित कलाकारों की लगभग 100 कलाकृतियां प्रदर्शित की गईे हैं।
प्रदर्शनी का उद्घाटन 12 अगस्त  को हुआ। इस अवसर पर सिटी पैलेस संग्राहलय के निदेशक यूनुस खिमानी, आईआईसीडी निदेशक तूूलिका गुप्ता, जयपुर आर्ट समिट के संस्थापक एस.के. भट्ट एवं राजस्थान ललित कला अकादमी अध्यक्ष डॉ. अश्विन दलवी उपस्थित थे। 18 अगस्त तक चलने वाली इस 7 दिवसीय प्रदर्शनी को आईसीए गैलरी द्वारा क्यूरेट किया गया है।

प्रदर्शनी में इन कलाकारों की कृतियां हैं प्रदर्शित
1. अमित हरित- जयपुर
2. अशोक बलोडिया-दिल्ली
3. अशोक राठोड़-मुंबई
4. अशोक रॉय-कोलकाता
5. बबली केशरी - कोलकाता
6. बनवारी लाल जांगिड़ - जयपुर
7. बी. एन. शुक्ला-लखनऊ
8. बी. एन. आर्य - लखनऊ
9। चंद्र मोर्कोंडा-चेन्नई
10. चित्रा आर्य - लखनऊ
11. दीपक रॉय - कोलकाता
12. जी.के. श्रवण कुमार-हैदराबादबाद
13. घनश्याम कश्यप-दिल्ली
14. एच. बी. भुजेल-नेपाल
15. एच.आर. दास-मुंबई
16. इंदु त्रिपाठी-दिल्ली
17. जे. सूर्य नारायण-मुंबई
18. जिन्तेन्द्र सैनी-जयपुर
19. के. प्रकाश - मुंबई
20. किशोर रॉय-कोलकाता
21. के. कृष्ण कुंदारा-जयपुर
22. कौशिक अवतान-दिल्ली
23. लखन सिंह जाट-जयपुर
24. मानवेंद्र सिंह-जयपुर
25. मोनिका दीवानंग-छत्तीसगढ़
26. मुकेश साल्वी-जयपुर
27. नीतू छाजेर-कोलकाता
28. नीलेश भारती-पुणे
29. प्रवीण उगे-मुंबई
30. परमेश पॉल-मुंबई
31. रमेश गोरजाला-चेन्नई
32. राखी कुमार-दिल्ली
33. राहुल महेरे-मुंबई
34. राजेंद्र कुमार-दिल्ली
35. राजेश्वर नयालपल्ली-हैदराबादबाद
36. राम ओन्कर-दिल्ली
37. रोहित शर्मा-दिल्ली
38. सरला चंद्र-दिल्ली
39. शरद भारद्वाज-उदयपुर
40. संजय चक्रवर्ती-दिल्ली
41. शाहीन वर्मा-दिल्ली
42. समीर सरकार-कोलकाता
43. संजय तंदेकर-मुंबई
44. संगीता शर्मा-दिल्ली
45. संदीप ग्यूम -
46. संजय टिक्कल-दिल्ली
47. शीतल चितलांगिया-जयपुर
48. शिशिर भट्ट-जयपुर
49. सुब्रतो दास-कोलकाता
50. श्वेत गोयल-जयपुर
51. तस्लीम जमाल-बांसवाड़ा
52. वसुंथुला रामकृष्ण-हैदराबादबाद
53. विजय वांशु-दिल्ली
54. विनय शर्मा-जयपुर
55. विनय त्रिवेदी-जयपुर

कलाविद गौतम को लाइफ टाइम अवार्ड

कलाविद गौतम को लाइफ टाइम अवार्ड 
बंगाल आर्ट फाउंडेशन करेगा सम्मानित
मूमल नेअवर्क, जयपुर। प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप राजस्थान के अध्यक्ष आर बी गौतम को कला संस्कृति के क्षेत्र में पिछले पचास वर्षों से दिए गए योगदान और सृजनात्मक सक्रियता के लिए  बंगाल आर्ट फाउंडेशन द्वारा लाइफ टाइम अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कोलकाता की म्यूजियम आर्ट गैलेरी में प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर रामकृष्ण कला केंद्र में एक ग्रुप प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसमें आर.बी. गौतम के चित्र भी शामिल हैं।
पेग के प्रवक्ता रविकांत माइकल ने बताया कि कार्यक्रम में आर्टिस्ट कौंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष व प्रदेश के वरिष्ठ कला समीक्षक डॉ. ए एल दमामी और जयपुर आर्ट समिट के निदेशक एस के भट्ट विशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद होंगे।

मंगलवार, 7 अगस्त 2018

स्टेट अवार्ड व छात्र कला प्रदर्शनी की नई तारीखें

स्टेट अवार्ड व छात्र कला प्रदर्शनी की नई तारीखें 
छात्रों की पुरस्कार राशि अब 10 हजार
मूमल नेटवर्क, जयपुर। (संशोधित) राजस्थान ललित कला अकादमी द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार 60वें स्टेट अवार्ड के आवेदन की अन्तिम तिथि 10 सितम्बर और 39वीं छात्र कला प्रदर्शनी के आवेदन की अन्तिम तिथि 18 सितम्बर है। इसी के साथ छात्र कला प्रदर्शनी में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए दी जाने वाले पुरस्कार राशि को पांच हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया गया है। इस वर्ष दस श्रेष्ठ कृतियों के छात्र कलाकारों को 10-10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

नई सोच के साथ मनाया गया अकादमी स्थापना दिवस

नई सोच के साथ मनाया गया अकादमी स्थापना दिवस
64वें स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत हुई स्कूली बच्चों के साथ
मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली। कल 6 अगस्त को ललित कला अकादमी का 64वां स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। इस समारोह की विशेष बात रही स्कूली बच्चों को कला के प्रति प्रेरित करने का प्रयास। इस अवसर पर एल के ए कलेक्शन्स प्रदर्शनी लगाई गई। मुख्य समारोह व प्रदर्शनी का उद्घाटन केन्द्रीय संस्कृति राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने किया।
स्थापना दिवस की शुरुआत कल सुबह 10 बजे राष्ट्रपति एस्टेट स्थित डॉ राजेंद्र प्रसाद सर्वोदय विद्यालय में बच्चों के साथ मिलकर मिट्टी की कृतियां बनाकर की गई। अकादमी आयोजित 'आओ मिट्टी में खेलेंÓ कार्यक्रम में मूर्तिकार व अकादमी अध्यक्ष उत्तम पचारणे साथ मूर्ति शिल्पकार चंद्रजीत यादव एवं प्रशांत देसाई ने दिया। स्कूली बच्चों के साथ मिलकर क्ले से खेल-खेल में बनाई गई कृतियों ने अकादमी अध्यक्ष उत्तम पचारणे की कार्यशैली व उनकी सकारात्मक सोच के साथ नए आयाम स्थापित किये। अकादमी स्थापना दिवस की इस शानदार व बच्चों को साथ लेकरचलने की अध्यक्ष की भावना ने सबको प्रभावित किया।
मुख्य समारोह की शुरुआत शाम साढे चार बजे अकादमी में हुई। इस अवसर पर कला प्रदर्शनी एल के ए कलेक्शन्स लगाई गई। प्रदर्शनी व समारोह का उद्घाटन संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा ने किया। डॉ महेश शर्मा ने अकादमी को बधाई देते हुए भारतीय कला और संस्कृति में इसके अहम योगदान की सराहना की। उन्होंने संस्कृति मंत्रालय के 'कल्चरल मैपिंगÓ यानी 'सांस्कृतिक सूचीकरणÓ अभियान की जानकारी दी। डॉ शर्मा ने सांस्कृतिक संगठन संस्कार भारती के संस्थापक पद्मश्री बाबा योगेंद्र और पद्मभूषण कलाकार राम वी सुतार को सम्मानित किया।
अकादमी अध्यक्ष उत्तम पाचारणे ने संस्थान के कार्यों के बारे में बताया और भविष्य में आयोजित की जाने वाली योजनाओं की जानकारी दी। अपने वक्तव्य में पचारणे ने कला गतिविधियों पर लिखने वाले मीडिया कर्मियों की सराहना की।
समारोह में अकादमी ने लगभग तीन दर्जन युवा कलाकारों को स्कालरशिप प्रदान की। इस अवसर पर दिसम्बर में आयोजित होने वाले त्रिनाले का लोगो भी हरलीज किया गया। समारोह की एक और उपलब्धि रही  'अ पेंटर ऑफ  एलोक्वेंट साइलेंस का लोकार्पण। प्रणव रंजन रे लिखित यह पुस्तक आर्टिस्ट गणेश पाइने की कला पर आधारित है।
समारोह का समापन चेतन जोशी के बांसुरी वादन से हुआ।

रविवार, 5 अगस्त 2018

सांस्कृतिक विकास के लिए एकजुट हुए सात राज्य

सांस्कृतिक विकास के लिए एकजुट हुए सात राज्य
नार्थ जोन कल्चरल सेंटर पटियाला की बैठक आयोजित 
मूमल नेटवर्क, मसूरी। नार्थ जोन कल्चरल सेंटर पटियाला की मेंबर ऑफ एग्जीक्यूटिव बोर्ड एवं कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कल्चरल सेंटर के चेयरमैन व पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर ने की। बैठक में नार्थ जोन में शामिल सात राज्यों के प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक विकास के लिए एक साथ मिलकर काम करने का फैसला लिया। राज्यों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान कर भी जोर दिया।
शनिवार को मसूरी स्थित सवॉय होटल में आयोजित बैठक में नार्थ जोन के सात राज्यों के प्रतिनिधियों सहित मेजबान उत्तराखंड से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल व एनजेडसीसी चेयरमैन वीपी सिंह बदनोर ने कहा कि बैठक में उत्तराखंड के सांस्कृतिक विकास को लेकर कई सुझाव मिले, जिन पर मिलकर कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कल्चरल सेंटर राज्यों के सांस्कृतिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। लोकनृत्य और लोक कलाओं के माध्यम से भी संस्कृति का आदान-प्रदान होता है। इस दौरान दूरस्थ क्षेत्रों के लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ ही विलुप्त होते पारंपरिक वाद्य यंत्रों को संरक्षित करने और संजोने के प्रयास पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उत्तराखंड समेत हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर व केंद्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पीएल साहू संयुक्त सचिव भारत सरकार, पूर्णिमा चौहान सचिव भाषा एवं संस्कृति हिमाचल प्रदेश, बीना भट्ट निदेशक संस्कृति उत्तराखंड, डॉ. अश्विन दलवी चेयरमैन, राजस्थान ललित कला अकादमी, माधव कौशिक, केवल धारीवाल पंजाब, शिवकुमार हरियाणा, संजीव गुप्ता जम्मू कश्मीर, एमएस जग्गी पंजाब, अरुण गुप्ता चंडीगढ़, कमल अरोड़ा चडीगढ़ सहित कई सम्मनित अतिथी उपस्थित थे।

शुक्रवार, 3 अगस्त 2018

लोक कलाओं के रंगों से सजेंगी खास ट्रेनें

लोक कलाओं के रंगों से सजेंगी खास ट्रेनें 
मूमल नेटवर्क, जयपुर। लोक संस्कृति एवं कला को बढ़ावा देने के लिए रेल मंत्रालय एक अनूठी पहल करने जा रहा है। अब कुछ खास ट्रेनें अपने राज्य की लोक कलाओं के रंगों से सजाई जाएंगी।  में रंगी नजर आएंगी। ट्रेन यदि राजस्थान की है तो उसे राजस्थानी पेंटिंग से, बिहार की है तो उसे मधुबनी पेंटिंग से और मध्यप्रदेश की है तो उसे बाहरी हिस्से पर गोंड चित्रकला नजर आएगी। पूर्व मध्य रेलवे से इसकी शुरुआत होने जा रही है। ईसीआर अपनी ट्रेन पटना-राजधानी के बाहरी हिस्से में मधुबनी पेंटिंग को उकेर रहा है। इसकी शुरुआत एनसीआर के अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से हुई है। 

कनॉट प्लेस के जनपथ सबवे में सजी है कला प्रदर्शनी

कनॉट प्लेस के जनपथ सबवे में सजी है कला प्रदर्शनी
'विजय की उत्कृष्ट कृतियां हमारा राष्ट्रीय गौरव ' प्रदर्शनी में 
42 समकालीन कलाकारों की कृतियां
मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली। एनडीएमसी ने अपने क्षेत्र में कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में देश के 42 समकालीन कलाकारों की एक सामूहिक कला प्रदर्शनी का आयोजन किया है। कनॉट प्लेस के बाहरी सर्कल स्थित जनपथ भूमिगत पारपथ (सबवे) में यह प्रदर्शनी लगाई गई है। दो भागों में आयोजित इस प्रदर्शनी के पहले प्रदर्शन का उद्घाटन 30 जुलाई को हुआ। यह प्रदर्शनी आठ अगस्त तक चलेगी। प्रदर्शनी का दूसरा भाग 10 से 27 अगस्त तक प्रदर्शित होगा।
एनडीएमसी के अध्यक्ष नरेश कुमार ने इस कला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस कला प्रदर्शनी को विजय की उत्कृष्ट कृतियां हमारा राष्ट्रीय गौरव शीर्षक दिया गया है। इस अवसर पर कलाकारों को संबोधित करते हुए नरेश कुमार ने कहा कि महानगर की दौड़-भाग वाली दिनचर्या के तनाव से यहॉं के नागरिकों को राहत दिलाने और उनकी जिदंगी में खुशहाली लाने के उद्देश्य से पालिका परिषद् द्वारा ऐसे कलाऔर संस्कृति के आयोजन किया जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य कला एवं संस्कृति को कलादीर्घाओं, संग्रहालयों और सभागारों से बाहर निकाल कर सार्वजनिक स्थानों पर जन-साधारण को सुलभ कराना है, जिससे वें इनमें भाग लेने के साथ-साथ इनका आनंद भी उठा सकें।
नरेश कुमार ने कहा कि, इसी श्रृंखला में पालिका परिषद् सामूहिक कला प्रर्दशनी के माध्यम से चित्रकारी, मूर्तिकला, गॅ्राफिक्स इत्यादि विषयों को जन-साधारण के सम्मुख लाने का प्रयास पिछले तीन वर्षों से इस सबवे में कर रहा है।
इस प्रदर्शनी में सुविख्यात कलाकारों के साथ-साथ, नवोदित कलाकारों को भी मौका दिया गया है, जिससे कि वें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। पालिका परिषद् के अध्यक्ष ने बताया कि यह कला प्रदर्शनी भारत के उन वरिष्ठ और मध्यवय के कलाकारों की उत्कृष्ट कृतियों की झांकी है, जो अपनी विशिष्ट कला शैली में निरन्तर कार्यरत है और भारतीय कला परिदृश्य में अपनी कला के लिए पहले से महत्वपूर्ण योगदान के लिए जानेमाने चेहरे हंै, इस प्रदर्शनी को किशोर लाबर के सहयोग से लगाया गया है।
पालिका अध्यक्ष ने कहा कि यहॉं उन समकालीन कलाकारों की महत्वपूर्ण विशिष्ट कलाकृतियों की एक झलक भर है, जिन्होंने अपनी वर्ष-दर-वर्ष की गई कड़ी 'कला-साधनाÓ से अनेक प्रभावी विधाओं, वस्तुओं और तकनीकों को खोजा है। उन्होंने यह भी कहा कि इन कलाकारों ने अपने कलाकर्म की निरन्तर यात्रा में नित्य नये प्रयोगों से निकली अद्भूत कृतियों को चित्रकला, मूर्तिकला, रेखांकन और स्थापत्यता के रूपों में समय पर प्रस्तुत तथा प्रदर्शित किया है।