शनिवार, 5 जनवरी 2019

सिन्धी अकादमी पुरस्कारों हेतु प्रविशिष्टयां आमंत्रित

सिन्धी अकादमी पुरस्कारों हेतु प्रविशिष्टयां आमंत्रित
मूमल नेटवर्क,जयपुर। राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा सिन्धी भाषा, साहित्य, कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संर्वद्धन हेतु विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सिन्धी विभूतियों/सिन्धी संस्थाओं को अकादमी पुरस्कारों के लिए आमन्त्रित करती है। अकादमी आयोजित वार्षिकोत्सव एवं सम्मान समारोह में चयनित व्यक्तियों व संस्थाओं को सम्मानित किया जायेगा।
अकादमी सचिव ईश्वर मोरवानी ने बताया कि अकादमी द्वारा निम्न राज्य स्तरीय पुरस्कार/सम्मान हेतु सिन्धी संस्थाओं/व्यक्तियों से विभिन्न क्षेत्रों में अर्जित विशिष्ट उपलब्धियों के लिये 31 दिसम्बर तक प्रस्ताव/आवेदन आमंत्रित किये गये थे, जिसकी अन्तिम तिथि 31 जनवरी तक बढ़ाई गई है।
इन सम्मानों के लिए करें आवेदन
सामी सम्मान-साहित्यकारों को उनके जीवन काल में सिन्धी साहित्य के क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियों हेतु।
साधु टी.एल. वासवाणी सम्मान-सिन्धी संस्था/व्यक्ति द्वारा सिन्धी भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु। भगत कंवरराम सम्मान-सिन्धी संस्था/व्यक्ति को सिन्धी संगीत, नृत्य, नाटक एवं भगत विधा में उल्लेखनीय योगदान हेतु।
सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन सम्मान-सिन्धी संस्था/व्यक्ति को सिन्धु संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान हेतु।
हेमूं कालाणी सम्मान-25 वर्ष तक के सिन्धी युवा को वीरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु।
उक्त पुरस्कार/सम्मान हेतु सिन्धी संस्थाओं/व्यक्तियों को आवेदन के साथ किये गये कार्यों/उपलब्धियों की प्रमाणिकता के लिये आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर आवेदन करना होगा। निर्धारित तिथि के पश्चात् प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

गुरुवार, 3 जनवरी 2019

मुकेश की मीनाकारी को मिला सम्मान

मुकेश की मीनाकारी को मिला सम्मान
मूमल नेटवर्क, जयपुर। बीते दिनों जयपुर में आयोजित जेजेएस में मीनाकारी में दक्षता के लिए जयपुर के युवा मुकेश मीनाकार को सम्मानित किया गया। आर्टिजन्स अवार्ड के रूप उन्हें 50 हजार रुपए की नकद राशि से सम्मानित किया गया। मुकेश को यह सम्मान कुन्दन मीनाकारी में प्रवीणता के चलते प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि मुकेश मीनाकार को मीनाकारी की कला अपने पिता से प्राप्त हुई है। आभूषणों के साथ मुकेश का रुझान मीनाकारी के आर्टिक्लस बनाने में भी है। मुकेश द्वारा बनाए गए कुन्दन मीनाकारी के आर्टिकल्स व आभूषणों में उनकी युवा सोच स्पष्ट नजर आती है। बेहतरीन मीनाकारी के लिए मुकेश को पूर्व में भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। 

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

राजस्थान ललित कला अकादमी के स्टेट अवार्ड परिणाम घोषित

राजस्थान ललित कला अकादमी के स्टेट अवार्ड परिणाम घोषित
आरयू के 4 कला शिक्षकों सहित अधिकांश अवार्ड जयपुर की झोली में
मूमल नेटवर्क, जयपुर। राजस्थान ललित कला अकादमी ने 60वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी के परिणाम कल गुरुवार 13 दिसम्बर को घोषित कर दिए हैं। इसमें स्टेट अवार्ड पाने वाले कलाकारों की सूचि में राजस्थान यूनीवर्सिटी के कला शिक्षकों का बोलबाला नजर आ रहा है। अधिकांश अवार्ड जयपुर की झोली में आए हैं।
60वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी के लिए प्राप्त 254 कलाकारों की 726 कृतियों में से 100 कलाकारों की 120 कृतियों का चयन किया गया है। स्टेट अवार्ड के लिए चुने गए 10 कलाकारों में से दो मूर्तिकार हैं। इस वर्ष एक साथ राजस्थान के चार कला शिक्षकों को अवार्ड देने के लिए चुना गया है। अवार्ड के रूप में कलाकारों को 25-25 हजार रुपए की नकद राशि के साथ, स्मृति चिंह, प्रमाण पत्र व श्रीफल से नवाजा जाएगा।
निर्णायक मण्डल में सुनिल कुमार विश्वकर्मा, जयराम पौडूवाल एवं विजय एम.ढोरे शामिल थे ।
इन्हें नवाजा जाएगा स्टेट अवार्ड से
सुब्रतो मण्डल- आरयू जयपुर
सुमित सेन-  आरयू जयपुर
डॉ. लोकेश जैन-  आरयू जयपुर
डॉ. जगदीश प्रसाद मीणा-  आरयू जयपुर
शबनम हुसैन-  उदयपुर
मोनू शेखावत-  जयपुर
सुनील कुमार जांगिड़-  बूंदी
मुकेश कुमार-   जयपुर
रुचिका जोशी
शैलेष शर्मा-  जयपुर

रविवार, 9 दिसंबर 2018

अकादमी ने नकारा, बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड ने सराहा

अकादमी ने नकारा, बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने सराहा
शंभूसिंह चौबदार बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित
मूमल नेटवर्क, कोटा। कोटा बूंदी शैली के चित्रकार शंभूसिंह चौबदार को बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने सम्मानित किया है। सम्मान स्वरूप उन्हें गोन्ड मेडल, सर्टीफिकेट व ट्राफी से नवाजा गया है। शम्भूसिंह वही कलाकार हैं जिनका चयन जहांगीर आर्ट गैलेरी में अकादमी आयोजित प्रदर्शनी 'राजस्थान 147' में हुआ था लेकिन प्रदर्शनी के समय इनका नाम अपनों को शामिल करने की होड़ में हटा दिया गया था।
सच्ची कला साधना जीत के झण्डे तो गाड़ती ही है। शम्भूसिंह की कला साधना ने उन्हें विश्व ख्याति दिलवाई है। बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने उन्हें यह सम्मान 25 हजार पेंटिंग्स बनाने के उपलक्ष में प्रदान किया है। शम्भूसिंह को मिले इस सम्मान ने अकादमी के कर्त्ता -धर्त्ताओं  से मिले अपमान को करारा जवाब दिया है। राजस्थान के चित्रकारों के समक्ष फिर एक बार अकादमी की नीतियों और फैसलों ने एक प्रश्रचिंह खड़ा कर दिया है।

रविवार, 2 दिसंबर 2018

24वां अखिल भारतीय ध्रुवपद समारोह 5 से


24वां अखिल भारतीय ध्रुवपद समारोह 5 से
मूमल नेटवर्क, जयपुर। दो दिवसीय 24वां अखिल भारतीय ध्रुवपद नाद-निनाद-विरासत समारोह  5 व 6 दिसम्बर को आयोजित होगा। यह समारोह केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी, दिल्ली एवं इन्टरनेशनल ध्रुवपद धाम ट्रस्ट, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
जेकेके के कृष्णायन सभागार में सांयकालीन गायन-वादन की प्रस्तुतियां और सुबह के समय राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के भैरोंसिंह शेखावत सभागार में 'ध्रुवपद-परम्परा और प्रयोग' विषय पर संगोष्ठी भी आयोजित की जायेगी। संगोष्ठी में सभी वरिष्ठ शिक्षाविद्, संगीत-समीक्षक, कलाकार एवं विचारक, मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे।
संगोष्ठी के वक्ता
संगोष्ठी में प्रथम दिवस 5 दिसम्बर को प्रो. केशव शर्मा (शिमला) एवं पं. विजयशंकर मिश्र, दिल्ली एवं दूसरे दिवस 6 दिसम्बर को उ. बहाउद्दीन डागर (मुम्बई) एवं प्रो. राजेश्वर आचार्य (वाराणसी) मुख्य वक्ता होगें।
यह होंगे गायन-वादन कार्यक्रम

पहले दिन 5 दिसम्बर को ध्रुवपदाचार्य पं. लक्ष्मण भट्ट तैलंग एवं धु्रवपद -गायिका डॉ. मधु भट्ट तैलंग के निर्देशन में उनके तीन दर्जन विद्यार्थी 'ध्रुवावृन्दगान' में प्रयोगवादी प्रस्तुतियों का नवाचार प्रस्तुत करेंगे।े जिसमें धु्रवपद-मूच्र्छनाओं व उनकी बन्दिशों सहित विशेषतौर पर समसामयिक परिप्रेक्ष्य पूर्व प्रधानमंत्री एवं कवि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की पद्य-रचना 'आओ फिर से दिया जलायें' को धु्रवपद में पिरोकर प्रस्तुत करेगें, इसकी स्वर-रचना भट्ट की है। दूसरी प्रस्तुति डॉ. अश्विन दलवी का सुरबहार एवं अन्तिम प्रस्तुति जयपुर के सुपरिचित युवा धु्रवपद-गायक डॉ. श्यामसुन्दर शर्मा एवं ओमप्रकाश नायर धु्रवपद-गायन की जुगलबन्दी पेश करेंगें।
दूसरे दिन सायंकालीन प्रस्तुतियों के प्रारंभ में तानसेन सम्मान से नवाज़े गये पं. डालचन्द शर्मा मंगल वाद्य पखावज-वादन, मुम्बई से पधारी डॉ. राधिका उमड़ेकर विचित्र वीणा वादन एवं अन्तिम प्रस्तुति इलाहाबाद के दरभंगा घराने के पं. प्रेमकुमार मल्लिक के ध्रुवपद- गायन की होगी।

शुक्रवार, 30 नवंबर 2018

तैयब मेहता की पेंटिंग 'दुर्गा महिषासुर मर्दिनी' को मिले 20 करोड़

तैयब मेहता की  पेंटिंग 'दुर्गा महिषासुर मर्दिनी' को मिले 20 करोड़  
सॉदबी की पहली नीलामी 'बाउंडलैस इंडिया' में हुई नीलाम
अमृता शेरगिल की 'द लिटिल गर्ल इन ब्लू' को मिली रिकार्ड कीमत
मूमल नेटवर्क, मुंबई। तैयब मेहता की प्रसिद्ध पेंटिंग 'दुर्गा महिषासुर मर्दिनी' कल गुरुवार की शाम मुंबई में

सॉदबी की पहली नीलामी 'बाउंडलैस इंडिया' में 29 लाख डॉलर (करीब 20.49 करोड़ रुपये) में नीलाम हो गई है।
सॉदबी के एक अधिकारी ने बताया कि नीलामी के दौरान 79 लाख डॉलर (करीब 55.40 करोड़ रुपये) की कलाकृतियां बेची गयीं। उन्होंने बताया कि 75 प्रतिशत से अधिक पेंटिंग पर उनके अनुमानित मूल्य से ज्यादा की बोली लगाई गयी।
मेहता की पेंटिंग 1993 में उनसे लिये जाने के बाद से इसी निजी कलाकृति संग्रह में रही है। अमृता शेरगिल की 'द लिटिल गर्ल इन ब्लू' के लिए कड़ी स्पर्धा की वजह से इस पेंटिंग की 18.69 करोड़ रुपये की कीमत आंकी गयी जो भारत में किसी कलाकार के लिए रिकार्ड कीमत है। यह दुनियाभर में बिक्री के लिए रखा गया कलाकार का सातवां तेल चित्र है। यह 80 साल से इसी संग्रह में है। इससे पहले शेरगिल की दूसरी कलाकृति भी बेची गयी जो उन्होंने केवल 10 साल की उम्र में कागज पर बनाई थी।
पश्चिम एशिया और भारत के लिए सॉदबी के अध्यक्ष एडवर्ड गिब्स ने कहा कि यह सॉदबी के लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होनें कहा कि आज रात की बिक्री दक्षिण एशियाई बाजार के प्रति सॉदबी की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सॉदबी की भारतीय और दक्षिण एशियाई कला की अंतरराष्ट्रीय प्रमुख यामिनी मेहता ने कहा कि 'आज के परिणाम दक्षिण एशियाई कला बाजार के लिए विश्वास मत की तरह है जहां विभिन्न कलाकारों और विधाओं के बीच नयी ऊंचाइयां हासिल की गयी हैं।
मेहता की पूर्व में बिकी कृतियां
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिवंगत कलाकार तैयब मेहता की एक पेंटिंग अनटाइटल्ड (काली) 26.4 करोड़ रुपये में बिकी थी। बिक्री के मामले यह अब तक की उनकी सबसे महंगी कृति बन गई हुई है। इससे पहले उनकी अनटाइटल्ड (वुमन ऑन रिक्शॉ) 22.99 करोड़ की कीमत के साथ सबसे महंगी कृति थी। 

बोकारो में दो दिवसीय चारकोल-कार्यशाला


बोकारो में दो दिवसीय चारकोल-कार्यशाला 
जयपुर के अमित हरित ने सिखाया चारकोल कृतियों का निमार्ण
मूमल नेटवर्क, बोकारो। नई दिल्ली  स्थित देश की प्रतिष्ठित कला संस्थान रज़ा फाऊंडेशन के सहयोग से इंडिया टेलिंग द्वारा दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो में दो दिवसीय चारकोल-कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्कूल की निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ.हेमलता एस. मोहन ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यशाला में जयपुर के अमित हरित व इंदौर के लकी जायसवाल ने विद्यार्थियों को इस कला के गुर सिखाए।
डॉ.हेमलता एस. मोहन ने कहा कि दृश्य कलाओं के क्षेत्र में भी झारखंड की मुकम्मल पहचान बने, इसके लिए जरूरी है कि इस तरह की कार्यशालाएं निरंतर आयोजित हों। कार्यशाला संयोजक तथा धनबाद आर्ट फेयर के निदेशक अभिषेक कश्यप ने कहा कि झारखंड में दृश्य कलाओं और चाक्षुष साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए इस कला कार्यशाला का आयोजन किया गया है तथा कार्यशाला में बनी उत्कृष्ट कलाकृतियों को धनबाद आर्ट फेयर में प्रदर्शित किया जायेगा।
इस कार्यशाला में जयपुर के अमित हारित व इंदौर के लकी जायसवाल ने विद्यार्थियों के साथ चारकोल से कलाकृतियों का सृजन किया एवं कला के विविध विषयों, कला-सृजन की बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की। अमित ने कार्यशाला में अपने व्यक्तव्य में छात्रों को सृजनात्मकता और कल्पनाशीलता के साथ स्वतंत्र रूप से मौलिक चित्रण करने को कहा और लकी ने रेखाओं और उनके प्रभावों तथा अभ्यास के महत्व के बारे में बताया।
इस अवसर पर डीपीएस चास के प्रो-वाइस चेयरमैन एन मुरलीधरन, एएस गंगवार, प्रवीण कुमार शर्मा,डॉ. मनीषा तिवारी, सुनील कुमार, अनिल कुमार गोप, कामिनी कांता स्वेन आदि उपस्थित थे।