गुरुवार, 31 मई 2018

संजय कुमार सेठी का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज

संजय कुमार सेठी का नाम इंडिया बुक ऑफ  रिकॉर्ड में दर्ज
मूमल नेटवर्क, अजमेर। लोक कला संस्थान के निदेशक व विगत 20 वर्षों से लोक कला संवर्धन के लिए समर्पित कलाकार संजय सेठी  को मांडना चित्रकारी के संरक्षण के लिए इंडिया बुक ऑफ  वल्र्ड रिकॉड्र्स में स्थान मिला है। सेठी ने लुप्त होती जा रही मांडना चित्रकारी को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया और भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी होने वाले प्रथम दिवस आवरण लिफाफे को कैनवास के रूप में चुना।
संजय अभी तक ढाई हजार से अधिक  लिफाफे पर मांडना चित्रकारी से अंकित कर चुके हैं। संजय का लक्ष्य बारह हजार लिफाफों में मांडना चित्रकारी करने का है। संजय के इस लक्ष्य के पूर्ण होते ही यह भारत ही नहीं विश्व रिकार्ड बन जाएगा।
प्रथम दिवस के लिफाफे प्राप्त करने के लिए डाक विभाग की लम्बी और थका देने वाली प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। इसके साथ ही संग्रहकर्ताओं के साथ जद्दोजहद भी करनी पड़ती है। यह थका देने वाले कार्य भी संजय के जुनून को कम नहीं कर पाया। इस जुनून के चलते ही संजय सेठी ने अपने नाम के साथ अपनी संस्था और शहर के नाम को भी इंडिया बुक ऑफ  वल्र्ड रिकॉड्र्स में दर्ज करवा दिया। उल्लेखनीय है कि इंडिया बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड से पहले जिनियस बुक आफ रिकार्ड ने भी संजय सेठी को इस अद्भुत और अनूठी पहल के लिए सम्मानित किया है।
लिफाफों के विषय
लिफाफे जिन विषयों पर आधारित है उनमें से बाल दिवस, स्व'छ भारत, योग दिवस, दादाभाई नौरोजी, संत रविदास, अठारह सौ सत्तावन का संग्राम, विश्व विख्यात असमिया गायक भूपेन हजारिका , श्रीमद राजचंद्र जी, विक्टोरिया टर्मिनस मुम्बई के सौ वर्ष, झलकारी बाई स्मारक, अकबरी किला, अजमेर का मुख्य डाकघर, सोनी जी की नसियां, मेयो कॉलेज, बारहदरी आदि उल्लेखनीय है । इन लिफाफों पर चौक, चौपड़, स्वस्तिक, मोर, पडल्या, पशु पक्षी, श्रवण कुमार, विविध आध्यात्मिक, धार्मिक प्रतीकों को मांडना चित्रकारी से सजाया गया है।

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