शनिवार, 3 फ़रवरी 2018

कल होगा आर्ट ओएसिस प्रदर्शनी का समापन

कल होगा आर्ट ओएसिस प्रदर्शनी का समापन
मूमल नेटवर्क, जयपुर।
राजस्थान ललित कला अकादमी की दीर्घा में श्री राणीसती जी मन्दिर, झुंझनू की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का कल अन्तिम दिन है। प्रदर्शनी में 15 कलाकारों ने अपनी कृतियों के माध्यम से शेखावटी की कला को जीवन्त किया है।
प्रदर्शित कृतियां श्री राणीसती जी मन्दिर, झुंझनू के सहयोग से एवं बृज स्मृति प्रन्यास के प्रोत्साहन से आर्ट टुडे द्वारा गत 28 से 30 दिसम्बर तक आयोजित कला शिाविर में तैयार की गई थीं। जिसमें राज्य से बाहर के 15 कलाकारो ने भाग लिया था। शिविर का उद्देश्य लुप्त होती जा रही शेखावटी की कला को पुन-जीवन देना था। शिविर में  तैयार कृतियों के क्रमवार प्रदर्शन के तहत पहली प्रदर्शनी अकादमी दीर्घा में लगाई गई है। 

प्रथम अन्तरराष्ट्रीय कला मेले का उद्घाटन कल शाम 5 बजे

प्रथम अन्तरराष्ट्रीय कला मेले का उद्घाटन कल शाम 5 बजे
उपराष्ट्रपति करेगें मेले का उद्घाटन
मूमल नेटवर्क, दिल्ली। ललित कला अकादमी द्वारा पहली बार आयोजित होने वाले अन्तरराष्ट्रीय कला मेले का उद्घाटन कल शाम 5 बजे होगा। उद्घाटन इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में उपराष्ट्रपति एम.वैकया नायडू करेंगे। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा,  अकादमी प्रशासक सी.एस.कृष्णा शेट्टी और इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी अन्य मेहमानों के साथ उपस्थित होंगे।
उद्घाटन समारोह में श्रीलंका के करुणादास ओलाबोडुवा नृत्य समूह द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य और भारत के पंडित हरीश गंगानी एवं साथियों द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुति समारोह में रंग भरेगी।
यह होगा मेले में
कला मेले में विभिन्न कला गतिविधियों और कला वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा जिनमें दृश्यकला फिल्मोत्सव, पॉटरी, पटचित्र, पेपरमेशी वर्कशॉप, बेस्ट फ्रॉम वेस्ट वर्कशॉप, संगीतमय प्रस्तुतियाँ, डांस, ड्रामा, जेकियाए सीवेन्सी द्वारा वॉयलिन मेकिंग वर्कशॉप, आर्टिस्ट गपशप प्वाईंट, नुक्कड़ नाटक और कई प्रस्तुतियों का कला प्रेमी आनन्द लेंगे।
कला मेले में प्रस्तुत अन्तरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के तहत पुर्तगाल के नूनो फ्लोरेस द्वारा वॉयलिन वादन,  साउथ एशियन अकादमी द्वारा डांस, यू.के. द्वारा प्रथम विश्व युद्ध में प्रेम और त्याग की कहानी श्द ट्राथ.उसने कहा था, जेरोस्लेव सिवेन्सी जेकिय द्वारा वॉयलिन वादन, यू.के. की देविका राव द्वारा यक्षगान, हंगरी के नोबर्ट केल द्वारा पियानो और देविका डांस थिएटर यू.के. द्वारा या देवी सहीत कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा।
18 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में 800 से अधिक कलाकार भाग ले रहे है। इसे अन्तरराष्ट्रीय रूप से सफल बनाने के लिए कई दूतावास और सांस्कृतिक केन्द्र सहयोग दे रहे हैं। चीन, वेनेजुएला, पेरू, पुर्तगाल, श्रीलंका, पौलेंड, टयूनिशिया, मेक्सिको, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, टोबेगो, फीजी, फ्रांस, पापुआ, न्यू गीनिया, चेकिया, यू.के., स्पेन और ब्राजील सहित कई देशों के कलाकार मेले में भाग ले रहें हैं। अन्तरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व सहित भारतीय कलाकारों और संस्थाओं के कला प्रदर्शन के लिए लगभग 325 स्टॉल बनाये गए हैं।
अकादमी प्रशासक सी.एस. कृष्णा शेट्टी ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय कला मेला ऐसे समय में आयोजित किया जा रहा है जब कला के बाजार में भारतीय कला के लिए सार्वभौम मंच हेतु एक प्रत्यक्ष मांग है। कला मेला का प्रमुख उद्देश्य कलाकारों और कला विशेषज्ञों के मध्य प्रत्यक्ष संवाद को प्रोत्साहित करते हुए कला के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। यही ललित कला अकादमी का लक्ष्य भी है।

शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2018

डीडीयू में आज से पेंटिंग वर्कशॉप व प्रदर्शनी

डीडीयू में आज से पेंटिंग वर्कशॉप व प्रदर्शनी
मूमल नेटवर्क, दिल्ली। डीडीयू के ललित कला एवं संगीत विभाग में आज से पेंटिंग वर्कशॉप व प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रो. वीके सिंह ने किया।
अमृता कला वीथिका में आयोजित हो रहे वर्कशाप में तैल चित्र, ग्राफिक्स और मूर्ति कला के साथ अन्य पेंटिंग्स की प्रर्दशनी लगाई गई है। इसके साथ ही कला कार्यशाला का भी आयोजन किया गया है। यह जानकारी कल गुरुवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान डीडीयू की ललित कला एवं संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. ऊषा सिंह, अली चेतन, और डॉ. रजनीकांत श्रीवास्तव ने दी। इन्होने बताया कि चार दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम में छह राज्यों के 24  युवा कलाकार शामिल होंगे। यह आयोजन ललित कला व संगीत विभाग के साथ अननोन आर्ट ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पुरवाई कला अकादमी और कुटुंब ग्लोबल ने भी विशेष योगदान दिया है।

बजट 2018 में संस्कृति मंत्रालय का बजट बढ़ा

बजट 2018 में संस्कृति मंत्रालय का बजट बढ़ा
ललित कला अकादमी का बजट घटा
मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली। संस्कृति मंत्रालय को बजट सत्र 2018-19 में 2,843.32 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं, जो पिछले सत्र से 105 करोड़ रुपये यानि चार फीसदी ज्यादा है। बजट सत्र 2017-18 में मंत्रालय को 2,666.94 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे जो बाद में बढ़कर 2,738 करोड़ रुपये हो गए थे।
कुल बजट राशि में से कला संस्कृति विकास योजना को 310 करोड़ रुपये मिले हैं। जबकि राजधानी स्थित ललित कला अकादमी, संगीत नाटक अकादमी, साहित्य अकादमी, एनएसडी, आईजीएनसीए का बजट घटा दिया है। साल 2017-18 में इन सभी संस्थानों को 380.25 करोड़ रुपए का बजट दिया गया था, जिसे इस साल 2018-19 में 379. 92 करोड़ रुपए रखा गया है। 
ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और विकास का काम करने वाले भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई) के लिए 974 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। पिछले सत्र में एएसआई को 922 करोड़ रुपये मिले थे। 
'पुस्तकालयों पर राष्ट्रीय मिशन' से संबंधित पुस्तकालय और पुरातात्विक मामलों की योजनाओं के लिए इस सत्र में 100 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं, वहीं पिछले सत्र में 50 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे।
'बौद्ध तिब्बती संस्थान और स्मारक योजना' के लिए पिछले सत्र के 98 करोड़ रुपये की तुलना में इस सत्र में 106 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। पूर्वोत्तरी क्षेत्रों के सांस्कृतिक विकास के लिए 175 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। 'हस्तलिपि के संरक्षण का राष्ट्रीय मिशन' योजना को आवंटित निधि में भी पिछले सत्र से वृद्धि हुई है। लेकिन संग्रहालयों, भारतीय मानविकीय संरक्षण (एएनएसआई) और अन्य सांस्कृतिक परियोजनाओं के लिए कोई बड़ी राशि स्वीकृत नहीं हुई।

कलाकारों का चिंतन मनन कला की भाषा में-गौड

कलाकारों का चिंतन मनन कला की भाषा में-गौड
मूमल नेटवर्क, लखनऊ। ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केन्द्र में  राजभाषा हिंदी के उत्तरोत्तर विकास हेतु कल एक फरवरी को कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए राजभाषा, संस्कृति मंत्रालय के निदेशक वेद प्रकाश गौड ने कहा कि, यद्यपि कला की कोई भाषा नहीं होती फिर भी कलाकार अपना चिंतन-मनन तो अपनी भाषा में करते हैं और हिंदी भारत की मिट्टी की भाषा है संस्कृति की धरोहर तथा विश्व में हमारी पहचान है। संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार हिंदी हमारी राजभाषा तो है ही और भारत जैसे प्रजातांत्रिक देश में हिंदी का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। अत: हमें सरकारी कार्य में ही नहीं अपतिु जन मानस के साथ हिंदी में ही व्यवहार करना चाहिए, जिससे हम अपने सांस्कृतिक मूल्यों को सुरक्षित रख सकें।
प्रभारी क्षेत्रीय सचिव राजेश कुमार शर्मा ने आश्वासन दिया कि हिंदी में कार्य किये जाने को और बल प्रदान किया जायेगा।
इस अवसर पर अनेक कलाकार, कलाप्रेमी एवं कला छात्र उपस्थित थे।

समानांतर साहित्य उत्सव में लगा कला शिविर

समानांतर साहित्य उत्सव में लगा कला शिविर 
दिखी युवा कलाकारों की रचनात्मकता
मूमल नेटवर्क, जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 27 जनवरी से चल रहे समानांतर साहित्य उत्सव में साहित्य के साथ कला की जीवन्त रचनात्मकता दिखी। उत्सव के दौरान रामगोपाल विजयवर्गीय कला दीर्घा में लगी प्रदर्शनी में 30 से अधिक कलाकारों के चित्र, मूर्तिशल्प, छापाचित्रण और फोटोग्राफ्स व इंस्टालेशन्स ने आगंतुकों को आकर्षित किया।
3 दिवसीय चित्रकला कला शिविर में प्रदेश के 40 से ज्यादा चित्रकारों ने कैनवास व कागज़  पर ऑयल कलर, एक्रेलिक, चारकोल तथा मिक्स मिडिया में अपने भावों को आकारदिया। कला शिविर में लाखन सिंह जाट, लक्ष्मीकांत शर्मा, विजय कुमावत, शिखा राजोरिया, रवि योगी, शानु कुमार लोधा, संत कुमार विश्नोई, दुर्गेश अटल, लालचंद कांवलिया, शिखा कुमारी, ममता, बरखा, हिम्मत, हर्षित, शिवांगी, आशु, भूमिका, शिवाली, रवि मण्डावरिया, आदि कलाकारों ने भाग लिया। शिविर के निदेशक रामकिशन अडिग थे।
उल्लेखनीय है कि समानांतर साहित्य उत्सव में विविध विधाओं से जुड़े करीब 54 सत्रों में साहित्य की वर्तमान परिस्थितियों पर विचार विमर्श किया गया। चित्रकार अमित हारित ने सभी कलाकारों को धन्यवाद देते हुए बताया की समानांतर साहित्य उत्सव की पूरी टीम के साथ कवि ऋतुराज,  ईशमधु तलवार तथा कृष्ण कल्पित के अथाह प्रयासों की वजह से पीएलएफ सार्थक तथा रचनात्मक रूप से संपन्न हो सका है।

गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

इन्टरनेशनल कला मेले में राजस्थान के ख्यातनाम कलाकारों की कृतियां

इन्टरनेशनल कला मेले में राजस्थान के ख्यातनाम कलाकारों की कृतियां
326 स्टॉल्स पर सजेंगी 800 कलाकारों की कृतियां
केन्द्रीय ललित कला अकादमी द्वारा पहली बार आयोजित हो रहा है मेला
मूमल नेटवर्क, जयपुर। 4 फरवरी से नई दिल्ली में केन्द्रीय ललित कला अकादमी आयोजित इन्टरनेशनल कला मेले में राजस्थान के प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियों का प्रदर्शन होगा। राजस्थान ललित कला अकादमी के स्टॉल में कलाप्रेमी ख्यातनाम व दिवंगत 6 कलाकारों की कृतियों को देख पाऐगे। इन 6 कलाकारों में पद्मश्री रामगोपाल विजयवर्गीय, कृपाल सिंह शेखावत, देवकीनन्दन शर्मा, भूरसिंह शेखावत, उषा रानी हूजा तथा ज्योति स्वरूप की कृतियां शामिल हैं। यह कृतियां अकादमी के संग्रह से प्रदर्शित की जाएंगी।
अकादमी अध्यक्ष डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि राज्य की कला को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने में इन कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । यह प्रयास अकादमी की ओर से इन कलाकारों के प्रति श्रद्धाजंलि स्वरूप है ।  पहली बार आयोजित हो रहे इस मेले को 326 स्टॉल्स से सजाया गया है जिसमें देश विदेश के लगभग 800 कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित होंगी। मेले का उद्घाटन 4 फरवरी की शाम 5.30 बजे इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला संस्थान, नई दिल्ली में होगा। यह इन्टरनेशनल कला मेला 18 फरवरी तक चलेगा।