सोमवार, 31 जुलाई 2017

आज से जयपुर में 'करेक्टर ऑफ इम्प्रेशन' के रंग

आज से जयपुर में 'करेक्टर ऑफ इम्प्रेशन' के रंग

मूमल नेटवर्क, जयपुर। आईसीए गैलेरी की युनिट जयपुर आर्ट सेन्टर में जयपुर, मुबई, दिल्ली व पूणे के 14 आर्टिस्ट अपनी कला के रंग दिखाएंगे। 'करेक्टर ऑफ इम्प्रेशन'  नाम की इस 6 दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन आज शाम साढे पांच बजे होगा। इसमें मूर्त व अमूर्त शैली की 45 कृतियां रंग बिखेरेंगी। हेमराना द्वारा क्यूरेट की जा रही इस प्रदर्शनी का समापन 5 अगस्त को होगा।
प्रदर्शनी में शामिल आर्टिस्ट
प्रदर्शनी में 16 आर्टिस्ट्स अपनी कला को प्रदर्शित कर रहे हैं जिनमें से 9 आर्टिस्ट दिल्ली के 2-2 आर्टिस्ट मुबई व जयपुर के तथा एक आर्टिस्ट पूना के हैं। दिल्ली के आर्टिस्ट कमल देवनाथ, नन्दिता रिचे, राजीव विज, सुधा आर.समा, स्वागितिका मोहन्ती, स्मिता जैन, इरफान खान, शिनइ शर्मा तथा स्नेहप्रीत कौर, मुबई के दो आर्टिस्ट नीना सेठिया एवं शीनू दुभाषी, जयपुर के आर्टिस्ट सुरेश चन्द जांगिड़ व तरुण शर्मा तथा पूना की वैशाली राजापुरकर इस प्रदर्शनी में अनी कला के रंग भरेंगे।

शनिवार, 29 जुलाई 2017

आज अन्तिम दिन है विजुअल आर्ट राइटिंग पर नेशनल कॉन्क्लेव का

आज अन्तिम दिन है विजुअल आर्ट राइटिंग पर नेशनल कॉन्क्लेव का

मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली। विजुअल आर्ट राइटिंग को बढ़ावा देने के लिए ललित कला एकेडमी की ओर से आयोजित दो दिवसीय नेशनल कॉन्क्लेव का आज दूसरा व अन्तिम दिन है। इसकी शुरुआत कल 29 जुलाई को मंडी हाउस स्थित रवींद्र भवन के ऑडिटोरियम में की गई। देशभर से आए हिंदी, बंगाली, असमिया, तमिल, तेलुगू और कन्नड़ लैंग्वेज के 50 राइटर इसमें शामिल हुए। कॉन्क्लेव उद्घाटन समारोह के चीफ गेस्ट मशहूर आर्ट हिस्टोरियन प्रो. रतन पारिमू थेे। अध्यक्षता ललित कला एकेडमी के एडमिनिस्ट्रेटर सीएस कृष्णा शेट्टी ने की।
    कॉन्क्लेव के बारे में जानकारी देते हुए  एकेडमी के एडमिनिस्ट्रेटर कृष्णा शेट्टी ने बताया कि पहली बार अलग-अलग भाषाओं के विजुअल आर्ट राइटर एक मंच पर इक_े हुए हैें। विजुअल आर्ट का दायरा काफी बड़ा है, लेकिन ललित कला के ज़्यादातर स्टूडेंट सिर्फ केवल पेंटिंग और ग्राफि़क्स आर्ट की ही जानकारी रखते हैं और उसमें ही आगे बढऩा पसंद करते हैं। आज भी आर्ट राइटिंग का दायरा सीमित है। इसकी एक वजह आर्ट राइटर्स की कमी और इसे बढ़ावा नहीं मिल पाना भी है।

फोटोग्राफी वर्कशॉप 18 अगस्त से

फोटोग्राफी वर्कशॉप 18 अगस्त से

मूमल नेटवर्क, नई दिल्ली। इण्डिया हैबिटेट सेन्टर तथा इण्डिया फोटो आरकईव फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वववधान में 18 अगस्त से फोटोग्राफी वर्कशॉप आरम्भ की जा रही है। वर्कशॉप का आयोजन हैबिटेट एक्सपेरीमेंटल आर्ट गैलेरी में होगा।
इस तीन दिवसीय एनलोग फोटोग्राफी वर्कशॉप में आदित्य आर्य फोटोग्राफी की बारीकियां सिखाएंगे। वर्कशॉप का समापन 20 अगस्त को होगा।
वर्कशाम की फीस 9000 रुपए रखाी गई। इसमें भाग लेने के लिए एक बैच के लिए केवल 10 प्रतिभागियों को ही चुना जाएगा।

स्विस आर्टिस्ट अलबर्टो जिकोमेट्टी पर फिल्म का प्रदर्शन

स्विस आर्टिस्ट अलबर्टो जिकोमेट्टी पर फिल्म का प्रदर्शन

मूमल नेटवर्क, लखनऊ। ललित कला अकादमी के अलीगंज स्थित क्षेत्रीय केन्द्र में आज शाम 4 बजे कला फिल्म दिखाई जाएगी। केन्द्र प्रभारी व क्षेत्रीय सचिव डॉ ज्योतिष जोषी ने जानकारी दी कि यह फिल्म अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आर्टिस्ट अलबर्टो जिकोमेट्टी के कलाकर्म व जीवन पर फिल्मायी गई है।
कौन है अलबर्टो जिकोमेट्टी
इन स्विस कलाकार का जन्म 10 अक्टूबर 1901 के दिन स्विट्जरलैण्ड के बोरगोनोवो में हुआ। एक बेहतरीन मूर्तिकार, चित्रकार, ड्राफ्ट्समैन तथा प्रिंटमेकर के रूप में उन्होनें खास नाम कमाया। इनकी मृत्यु 11 जनवरी 1966 में हुई।

वस्त्र नगरी के सौरभ भट्ट बैंकॉक में बढ़ाएंगे भारत का मान

वस्त्र नगरी के सौरभ भट्ट बैंकॉक में बढ़ाएंगे भारत का मान

थाईलैंड में विश्व के युवा कलाकारों की चित्र प्रदर्शनी एवं सेमिनार 2 सितम्बर से
 मूमल नेटवर्क, भीलवाड़ा। प्रसिद्व युवा आर्टिस्ट सौरभ भट्ट का चयन थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित 7 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए हुआ है। कला क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्टार पर प्रख्यात एसएमडी फाउण्डेशन तथा जंगल फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में बैंकॉक के इंडियन कल्चर सेण्टर  में 2 से 8  सितम्बर तक चलने वाली इस कला प्रदर्शनी में विश्व के सातों महाद्वीपों से 20 कलाकारों को आमंत्रित किया गया है।

अलोक आर्ट गैलरी के निदेशक गोवेर्धन लाल भट्ट ने बताया कि राजस्थान से चयनित होने वाले सौरभ भट्ट एक मात्र कलाकार हैं जिन्हे इस प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित किया गया है। सौरभ  वहां अपने चित्रों के प्रदर्शन के साथ सम-सामयिक आर्ट और इसकी सामजिक राष्ट्रीय उपयोगिता पर पत्र-वाचन भी करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी सौरभ भट्ट स्थानीय स्तर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के कई देशों (नूज़ीलैण्ड, ब्राज़ील, ब्रिटेन, लन्दन, डेनमार्क, भूटान, श्रीलंका एवं  मालदीव्स)  में तकऱीबन 65 से ज्यादा आर्ट प्रदर्शनियों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।  हाल ही में दिल्ली के प्रगति मैदान में उनके द्वारा 'व्यसन के दुष्परिणामों Ó पर बनाई बॉडी पेंटिंग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।


शुक्रवार, 28 जुलाई 2017

गणतन्त्र झांकी की डिजाईन आमन्त्रित

गणतन्त्र झांकी की डिजाईन आमन्त्रित

मूमल नेटवर्क, जयपुर। 2018 के गणतन्त्र दिवस की परेड में शामिल होने वाली राजस्थान की झांकी के लिए कलाकारों से प्रविष्टियां आमन्त्रित की जा रही हैं। हमेशा की तरहा इस वर्ष भी राजस्थान ललित कला अकादमी द्वारा यह प्रविष्टियां आमन्त्रित हैं। झांकी के लिए दो विषयों का चुनाव किया गया है। पहला मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान और दूसरा डिजीटल राजस्थान। कलाकारों द्वारा अकादमी कार्यालय में टू डी डिजाईन जमा करवाने की अन्तिम तिथि 8 अगस्त 2017 है।

जयपुर में जुटे देश के कई दिग्गज चित्रकार


जयपुर में जुटे देश के कई दिग्गज चित्रकार

मूमल नेटवर्क, जयपुर। इन दिनों शहर में देश भर से आए आठ समकालीन व 6 लोक चित्रकार एक साथ जुटे हैं। यह चितेरे लगभग जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी एवं सीडलिंग अकादेमी के 50 विद्यार्थियों के साथ मिलकर रंगों के सजीले संसार को साकार कर रहे हैं। वरिष्ठों के साथ विद्यार्थियों की जुगलबंदी का यह संगम नेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में देखा जा सकता है।
कल 27 जुलाई को जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी एवं सीडलिंग अकादेमी के संयुक्त तत्वाधान में जयपुर विजुअल आर्ट फेस्टिवल का आगाज हुआ। उत्सव का शुभारम्भ सीडलिंग ग्रुप की प्रिंसिपल डायरेक्टर मोहिनी बक्सी तथा पूर्व डीन फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट प्रो. चिन्मय मेहता ने किया। इस उत्सव में देश के विभिन्न शहरो से आए 8 सुप्रसिद्ध समकालीन चित्रकार तथा छ: लोककला यानि जनजातीय चित्रकार 50 सीनियर स्कूली विद्यार्थियों के साथ मिलकर चित्रांकन करेंगे। इस अवसर पर कला कर्म में जुटे विद्यार्थियों के साथ अन्य छात्र भी वरिष्ठ चित्रकारों से कला की तकनीकी जानकारी के साथ बारीकियां सीखेंगे। प्रोफेसर चिन्मय मेहता के निर्देशन में आयोजित इस उत्सव में कला के विभिन्न पहलुओं पर खुले संवाद का भी आयोजन किया गया है। इस उत्सव में तैयार कृतियों को अन्तिम दिवस 30 जुलाई को जेकेके की चतुर्दिक कला दीर्घा में प्रदर्शित किया जाएगा।
उत्सव के बारे में जानकारी देते हुए प्रोफेसर चिन्मय मेहता ने बताया कि जयपुर विजुअल आर्ट फेस्टिवल का प्रमुख उद्देश्य देशज पारंपरिक तथा
समकालीन चित्रकारी के प्रति जन मानस के बीच विलुप्त हो रहे सम्मान को पुन: जगाना है। खास तौर पर लोक एवं आदिम संस्कृति से जुड़ी वह अनूठी कला परंपरा से नई पीढ़ी को रूबरू कराना उत्सव के उद्देश्योुं में शामिल है। प्रो. मेहता ने कहा कि आधुनिक कला आंदोलन के बदलते कला मूल्यों के कारण कला प्रेमियों ने लोक व आदिम कलाओ को नए अंदाज से देखने की चेष्ठा की है। नए कला दर्शन के अनुसार किसी कला शैली को दूसरी से छोटी या बड़ी मानना उचित नही है। सभी चित्र परम्पराओ में अपना सौन्दर्य निहित रहता है जिसे बिना किसी पूर्वाग्रह के स्वीकारना चाहिए ।
उत्सव में शामिल समकालीन चित्रकार
जयपुर विजुअल आर्ट फेस्टिवल में नागपुर के विजय बिस्वास, दिल्ली के सताद्रु सोवन, भुवनेश्वर के मानस रंजन जेना, मुबई के डगलस जॉन व मानस कदम, जबलपुर के ब्रजमोहन आर्य तथा कलकत्ता के जयन्त चौधरी शामिल हुए हैं।
लोक चित्रकार

 राजस्थान की प्रसिद्ध पाबूजी की फड़ शैली के साथ भीलवाड़ा के कल्यसण जोशी व कृतिका जोशी, बिहार की मधुबनी का पर्याय बन चुकी शान्ति देवी व उनकी पुत्री सुजाता, वर्ली चित्र शैली के साथ अनिल वागड़े, गोंड चित्रकला के साथ चित्रकार छोटी व उनके पति सन्तोष टीकम, उड़ीसा के सुप्रसिद्ध पट्चित्र के साथ भास्कर महापात्र तथा मीणा महिला जनजातीय चित्र शैली के साथ सवाई माधोपुर की केशन्ता मीणा इस उत्सव मे रंग भरने के लिए उपस्थित हैं।