Jaipur Art Fiesta लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Jaipur Art Fiesta लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 24 दिसंबर 2017

अर्से बाद दिखे परम्परा के रंग

अर्से बाद दिखे परम्परा के रंग
दर्शकों की रुचि रही कम
मूमल नेटवर्क जयपुर। जवाहर कला केन्द्र के शिल्पग्राम में जयपुर आर्ट फिएस्टा की 22 तारीख की शाम से शुरुआत हो गयी है। लगातार मॉडर्न व कन्टेम्पररी रंगों के आयोजनों के बीच भारत के पारम्परिक रंगों को एक स्थान पर एकत्रित देखना जयपुर के कला प्रेमियों के लिये खासा सुखद हो सकता था। लेकिन आयोजन के आवश्यक प्रचार-प्रसार में कमी के चलते यहां लोगों की आवाजाही उम्मीद से काफी कम नजर आ रही है। खरीददार भी नदारद हैं। ऐसे में दूरदराज से आए हुए कलाकारों में निराशा छाई हुई है। अब 25 दिसम्बर को क्रिस्मस अवकाश के चलते उम्मीद की आखरी किरण शेष है। दूसरी ओर लगातार आयोजनों के चलते फिएस्टा में स्थानीय कला प्रेमियों की रुचि पनप नहीं पा रही है।
फिएस्टा के उद्घाटन अवसर पर राजस्थान के पद्मश्री सम्मानित कलाकारों व कैबिनेट मंत्री प्रभुलाल सैनी द्वारा वयोवृद्ध पारम्परिक रंगों के चितेरे पद्मश्री श्रीलाल जोशी को लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। इसके बाद छिड़ी बेबाक चर्चा में पद्मश्री अर्जुन प्रजापति ने जहां पारम्परिक कलाओं के प्रति सरकार की अवहेलना को साझा किया वहीं इन कलाओं को बढ़ावा दिये जाने का प्रस्ताव भी रखा।
कल 23 दिसम्बर को पद्मश्री एस. शाकिर अली व पद्मश्री तिलक गीताई ने जहां कैनवास पर रंग भर कर कन्टेम्पररी आर्ट कैम्प की शुरुआत की वहीं इस कैम्प में कोलकत्ता के संजय चक्रवर्ती ने अपनी कला का जीवन्त प्रदर्शन कर दर्शकों को ठिठकने के लिए मजबूर कर दिया।

इधर डूंगरपुर हट का मंच पद्मश्री विजय शर्मा और नीलान्द्री पॉल की कला चर्चा का साक्षी बना। रंगकर्मी सालेहा गाजी से हुई बातचीत के दौरान विजय शर्मा ने अफसोस जताया कि मिनिएचर आर्ट को पढ़ाने-सिखाने के लिए कोई सरकारी संस्थान ही नही है। उन्होने कहा कि लगातार अनदेखी के चलते घरानेदार चित्रकारी की परम्परा लुप्त होने के कगार पर आ खड़ी हुई है। नीलान्द्री पॉल ने भारत की बुनियादी आर्ट के रूप में पारम्परिक कला को देश ही नहीं विदेशों में भी इस कला के विस्तार की बात कही।
जयपुर आर्ट फिएस्टा का पांच दिवसीय आयोजन दिल्ली की ट्रेडीशनल आर्ट प्रमोशनल सोसायटी की तरफ से किया गया है। फिएस्टा का समापन 26 दिसम्बर को होगा।

गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

जेकेके में जमेंगे कल से आर्ट फिएस्टा के रंग

जेकेके में जमेंगे कल से आर्ट फिएस्टा के रंग
मूमल नेटवर्क, जयपुर। कल 22 दिसम्बर से जवाहर कला केन्द्र के शिल्प ग्राम में पारम्परिक कलाओं पर जयपुर आर्ट फिएस्टा का आयोजन होगा। 26 दिसम्बर तक चलने वाला फिएस्टा दिल्ली की ट्रेडीशनल आर्ट प्रमोशनल सोसायटी की तरफ से आयोजित हो रहा है।
आर्ट फिएस्टा का विशेष आकर्षण होगा बंगाल और राजस्थान के नामी कलाकारों के कृतित्व और व्यक्तित्व से कलाप्रेमियों को रूबरू करवाने का। समारोह संयोजक रमाकांत खंडेलवाल ने बताया कि पहले दिन 22 दिसंबर को शाम 5 बजे से होने वाले शो में राजस्थान के पद्मश्री से सम्मानित दो कलाकार श्रीलाल जोशी और मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति से चर्चा होगी। 23 का टॉक शो शाम 6 बजे से होगा जिसमें चंबा के पद्मश्री विजय शर्मा और दिल्ली के एब्सट्रेक्ट आर्टिस्ट नीलाद्री पॉल शामिल होंगे। 24 को बंगाल स्कूल के सेमी रियलिस्टिक शैली के आर्टिस्ट समीर सरकार और राजस्थान के पद्मश्री एस. शाकिर अली, 25 को पद्मश्री तिलक गिताई, बंगाल के रजत सुब्रत बंदोपाध्याय, उड़ीसा के रघुनाथ साहू और झारखंड के परवीन कर्माकर तथा 26 दिसंबर को अलीगढ़ के मूर्तिकार कपिल कपूर और राजस्थान के फोटो आर्टिस्ट किशन मीणा के कृतित्व पर चर्चा होगी।
होंगे आर्ट डेमोंस्ट्रेशन
आर्ट फिएस्टामें आर्ट डेमोंस्ट्रेशन भी होंगे। 23 दिसंबर से हर रोज दोपहर 1 बजे से शिल्पग्राम की जयपुर हट परिसर में लाइव डेमोंस्ट्रेशन शो होंगे जिनमें कई बड़े कलाकार अपनी कला का जीवंत प्रदर्शन करेंगे। 23 दिसंबर को बंगाल स्कूल के किशोर रॉय, राजस्थान के कल्याण जोशी, पोट्र्रेट आर्टिस्ट चंद्र प्रकाश गुप्ता और नवल किशोर, 24 को रजत सुब्रत बंदोपाध्याय, परवीन कर्माकर और रघुनाथ साहू, 25 को टंका शैली के सिद्धहस्त कलाकार जयशंकर शर्मा, मिनिएचर आर्ट के  वीरेंद्र बन्नू और केके शर्मा छोटू अपनी कला का जीवंत प्रदर्शन करेंगे।