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मंगलवार, 6 फ़रवरी 2018

स्थानीय शैली के साथ समसामयिक कला शैली का फ्यूजन

स्थानीय शैली के साथ समसामयिक कला शैली का फ्यूजन
इंटरनेशनल आर्टिस्ट विलेज रेजीडेंसी का तीसरा दिन
मूमल नेटवर्क, चित्तौडग़ढ़। सामाजिक परोपकार के लिए चित्तौडग़ढ़ आर्ट सोसायटी द्वारा आयोजित इंटरनेशनल आर्टिस्ट विलेज रेजीडेंसी के तीसरे दिन 5 फरवरी को स्थानीय शैली के साथ समसामयिक कला शैली के फ्यूजन ने अद्भुत दृश्य की रचना कर डाली। एक और जंहा विश्व प्रसिद्ध बस्सी की कावड़ पर इजराइल से आई महिला कलाकार ओर्ली राम सीता का दृश्य बना रही थीं वही कैनवास पर फ्रांस  से आये लुईस नयनाभिराम प्राकृतिक दृश्य चित्रित कर रहे थे।
चित्तौडग़ढ़ आर्ट फेस्टिवल से जुड़े जसवंत सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पहली बार आयोजित इस कला महोत्सव में 11 देशो के 28 कलाकार भाग ले रहे जो विभिन्न शैलियों से चित्र बना रहे हैं। रेजीडेंसी में  सामाजिक  मुद्दों पर चित्रण कार्य किया जा रहा है जिसमे बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ऐतिहासिक विरासत संरक्षण एवं क्षेत्रीय लोक कला संरक्षण प्रमुख है। आर्ट फेस्टिवल में भाग लेने  आये मोहनलाल सुखडिय़ा यूनिवर्सिटी के  दृश्य कला विभाग के  प्रोफेसर हेमंत द्विवेदी ने कहा कि, चित्तौडग़ढ़ कला महोत्सव के आयोजन ने क्षेत्र की कला पंरपरा को जीवंत बनाये रख रहा है। इस मंच से पहले भी कई कलाकार चित्तौडग़ढ़ आर्ट सोसायटी के कार्यक्रमो में भाग ले चुके हैं इससे निश्चित ही कला प्रेमियों को लाभ मिलेगा। आर्ट सोसायटी के सचिव मुकेश शर्मा के अनुसार आर्ट फेस्टिवल का आयोजन अगले 2 दिन यही होगा जिसमे हेरिटेज भ्रमण, लैंड आर्ट व कलाशिविर प्रमुख है। फेस्टिवल का समापन कल 7 फरवरी को होगा।

गुरुवार, 25 जनवरी 2018

चित्तौडग़ढ़ आर्ट फेस्टिवल में दिखेंगे 11 देशों के 28 कलाकार

चित्तौडग़ढ़ आर्ट फेस्टिवल में दिखेंगे 11 देशों के 28 कलाकार
फेस्टिवल का छठा एडीशन तीन फरवरी से
मूमल नेटवर्क, चित्तौडग़ढ।
चित्तौडग़ढ़ आर्ट फेस्टिवल का आरम्भ तीन फरवरी से होगा। आयोजन के छठे एडीशन में 11 देशों के 28 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। इस पांच दिवसीय आयोजन का उद्देश्य समाज में सामाजिक गतिविधियों के प्रति कला के माध्यम से जागरूकता लाना है।
इस बार फेस्टिवल में इंटरनेशनल आर्टिस्ट विलेज रेजीडेंसी का आयोजन होगा। यह आयोजन 3 से 7 फरवरी तक ग्राम पंचायत नंदवाई के पंचायत समिति बेगूं के मेनाल रिसोर्ट में किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह 3 फरवरी की सुबह 11 बजे पंचायत समिति में आयोजित किया जाएगा एवं 7 फरवरी को आर्ट प्रदर्शनी के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।
चित्तौडग़ढ़ आर्ट सोसाइटी के सचिव मुकेश शर्मा ने बताया कि इस फेस्टिवल में कई सामाजिक मुद्दों पर कला के माध्यम से कार्य करने का प्रयास किया जाएगा। बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ऐतिहासिक विरासत संरक्षण एवं क्षेत्रीय लोक कला संरक्षण जैसे मुद्दों पर जागरूकता का संदेश देने के लिए 11 देशों के 28 कलाकार शिरकत करेंगे। जिसमें 23 विदेशी कलाकार और पांच भारतीय मूल के कलाकार हैं। यह कलाकार पब्लिक आर्ट, लैंड आर्ट, इंस्टॉलेशन, प्रदर्शनी, आर्ट कैंप, मूर्तिकला निर्माण, सेमिनार, परंपरागत कला के साथ-साथ लोक संगीत, नाट्य मंचन पर अपनी प्रस्तुति देंगे। शर्मा ने बताया कि यह सभी कार्यक्रम ग्रामीणों व कलाकारों की सहभागिता से पूर्ण किया जाएगा।
11 देश 28 कलाकार
आर्ट फेस्टिवल के समन्वयक नंदू शर्मा ने बताया कि इस आर्ट फेस्टिवल में भारत के अतिरिक्त यूएसए, फ्रांस, इजराइल, रूस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इटली, यूक्रेन, डचलैंड, बेलारूस जैसे 11 देशों के कलाकारों ने भाग लिया है। इसमें भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी कलाकार अपने अपने क्षेत्र में बरसों से अपने हुनर का प्रदर्शन करते आए हैं। फेस्टिवल में आने वाले कलाकारों में दो बाल कलाकार भी अपनी कला प्रतिभा के जौहर दिखाऐगे। यह बाल कलाकार रूस की 10 वर्षीय जेयूमा शेबा सीता चुमक एवं यूक्रेन की 8 वर्षीय मईया बोगाकोवा हैं। यह दोनों बाल कलाकार बालिका शिक्षा के लिए होने वाले कार्यक्रम में अपना सहयोग देंगे। नंदू शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर इजरायल की चना डवोर जो कि इंटरनेशनल आर्ट मैगजीन जर्नलिस्ट है, इंटरनेशनल फिल्ममेकर (डॉक्यूमेंट्री) फ्रांस के हर्वे अल्बर्ट फ्रैंकोइस कैस्टयूबले, फ्रांस के क्लेयर म्यूसर,  इटली की टेक्सटाइल डिजाइनर लिलियाना फ़स्सिनो, अरोबिंदो आश्रम के कला विभाग के हेड लक्ष्य धरण आदि कलाकार अपना सहयोग प्रदान करेंगे। इसके साथ ही यूएसए से ऑड्रे लैंगवॉर्टी वालेस टेलर, कैथरीन स्टेला मैकार्टी, डचलैंड से कार्नेलिया मार्टेंस, रूस से दारिया याट्सेंको, ऐलेना स्मॉखिन, एवडोकीया ग्रिशिना, मारिया चामक, जर्मनी से गट्र्रूड बिरिग्टा, ऑस्ट्रेलिया से गिलियम लोइस चावत, फ्रांस से लुइस पॉल मोरालेस, नदीन रोसेट अनीने फैब्रेट, वेरोनिके ऐनी जैकलिन डोमिंगो, इटली से लुइगी फबोजि़्ज़, मार्को फिएरा, यूक्रेन से ओल्गा बोकाचोवा, इजराइल से ओरली ऐलन मरगुएल, बेलारूस से नताल्लिया बहुस हेविच एवं भारत से दर्शन सिंह, विज यामला, प्रोफेसर हेमंत द्विवेदी तथा डॉक्टर चिमन डांगी हैें।

रविवार, 24 दिसंबर 2017

चितौडग़ढ़ के कला महोत्सव में होगी इंटरनेशनल आर्ट रेजिडेंसी

चितौडग़ढ़ के कला महोत्सव में होगी इंटरनेशनल आर्ट रेजिडेंसी     
मूमल नेटवर्क, चितौडग़ढ़। समकालीन और पारंपरिक कला को एक मंच तक लाने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया चितौड़ का कला महोत्सव इस वर्ष नये अन्दाज में आयोजित होने जा रहा है। विगत 3 वर्षों से अपनी अनूठी छाप छोडऩे में सफल रहे इस महोत्सव की अगली कड़ी के रूप में 'इंटरनेशनल आर्टिस्ट रेजिडेंसी' का आयोजन होने जा रहा है। इसी के साथ महोत्सव का आगाज 'गांवों और गांवों को चलो' विषय को प्रतिपादित करते हुए किया जाएगा।
चित्तौडग़ढ़ आर्ट सोसायटी के सचिव मुकेश शर्मा ने बताया कि 3 वर्षों से आयोजित हो रहे इस कला महोत्सव में आर्ट सोसाइटी ने तीन राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय आर्ट कैंप का आयोजन किया है जिन्हें अच्छी सराहना मिली। उन्होंने बताया कि इन महोत्सव के जरिए आर्ट सोसाइटी ने कई समर्पित व प्रसिद्ध कलाकारों का समूह बनाया है। शर्मा ने अग्रिम महोत्सव की जानकारी देते हुए बताया कि अगले वर्ष 2018 में प्रारंभ होने वाले कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत नंदवाई में किया जाएगा। महोत्सव में कलाकारों द्वारा गांव के गलियारों, परिदृश्य, बच्चों की स्वास्थ्य एवं शिक्षा, स्वच्छता मिशन, ऐतिहासिक विरासत संरक्षण और क्षेत्रीय लोक कला संरक्षण को दर्शाया जाएगा। इस महोत्सव का आयोजन का मुख्य उद्देश्य गांव पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन जागरूकता को कलात्मक रूप से प्रस्तुत करना है। इस वर्ष से कला क्षेत्र के स्थानीय, ऐतिहासिक स्थानों व स्थानीय समुदायों के साथ जोडऩे का प्रयत्न किया जाएगा।

मुकेश शर्मा ने बताया कि रेजिडेंसी में 20 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कलाकार भाग लेंगे जो अन्य कलाकारों से अपनी कलाकृति व कला से जुड़े तकनीक व विचारों को साझा करेंगे।
कार्यक्रम समन्वयक नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि प्रवास के दौरान शॉर्टलिस्ट हुए कलाकारों को अपनी कला की एक प्रस्तुति मांगी गई थी, जिसके आधार पर उनका चयन किया गया है एवं कार्यक्रम के समाप्ति पर चयनित कलाकारों को अपने अनुभव के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसमें भू कला व सार्वजनिक कला का प्रस्तुतीकरण भी सम्मिलित  किया गया है।