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शुक्रवार, 30 नवंबर 2018

तैयब मेहता की पेंटिंग 'दुर्गा महिषासुर मर्दिनी' को मिले 20 करोड़

तैयब मेहता की  पेंटिंग 'दुर्गा महिषासुर मर्दिनी' को मिले 20 करोड़  
सॉदबी की पहली नीलामी 'बाउंडलैस इंडिया' में हुई नीलाम
अमृता शेरगिल की 'द लिटिल गर्ल इन ब्लू' को मिली रिकार्ड कीमत
मूमल नेटवर्क, मुंबई। तैयब मेहता की प्रसिद्ध पेंटिंग 'दुर्गा महिषासुर मर्दिनी' कल गुरुवार की शाम मुंबई में

सॉदबी की पहली नीलामी 'बाउंडलैस इंडिया' में 29 लाख डॉलर (करीब 20.49 करोड़ रुपये) में नीलाम हो गई है।
सॉदबी के एक अधिकारी ने बताया कि नीलामी के दौरान 79 लाख डॉलर (करीब 55.40 करोड़ रुपये) की कलाकृतियां बेची गयीं। उन्होंने बताया कि 75 प्रतिशत से अधिक पेंटिंग पर उनके अनुमानित मूल्य से ज्यादा की बोली लगाई गयी।
मेहता की पेंटिंग 1993 में उनसे लिये जाने के बाद से इसी निजी कलाकृति संग्रह में रही है। अमृता शेरगिल की 'द लिटिल गर्ल इन ब्लू' के लिए कड़ी स्पर्धा की वजह से इस पेंटिंग की 18.69 करोड़ रुपये की कीमत आंकी गयी जो भारत में किसी कलाकार के लिए रिकार्ड कीमत है। यह दुनियाभर में बिक्री के लिए रखा गया कलाकार का सातवां तेल चित्र है। यह 80 साल से इसी संग्रह में है। इससे पहले शेरगिल की दूसरी कलाकृति भी बेची गयी जो उन्होंने केवल 10 साल की उम्र में कागज पर बनाई थी।
पश्चिम एशिया और भारत के लिए सॉदबी के अध्यक्ष एडवर्ड गिब्स ने कहा कि यह सॉदबी के लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होनें कहा कि आज रात की बिक्री दक्षिण एशियाई बाजार के प्रति सॉदबी की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सॉदबी की भारतीय और दक्षिण एशियाई कला की अंतरराष्ट्रीय प्रमुख यामिनी मेहता ने कहा कि 'आज के परिणाम दक्षिण एशियाई कला बाजार के लिए विश्वास मत की तरह है जहां विभिन्न कलाकारों और विधाओं के बीच नयी ऊंचाइयां हासिल की गयी हैं।
मेहता की पूर्व में बिकी कृतियां
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिवंगत कलाकार तैयब मेहता की एक पेंटिंग अनटाइटल्ड (काली) 26.4 करोड़ रुपये में बिकी थी। बिक्री के मामले यह अब तक की उनकी सबसे महंगी कृति बन गई हुई है। इससे पहले उनकी अनटाइटल्ड (वुमन ऑन रिक्शॉ) 22.99 करोड़ की कीमत के साथ सबसे महंगी कृति थी। 

शनिवार, 16 जून 2018

सैफरॉन की ऑन लाइन नीलामी में मेहता की काली को मिले 26.4 करोड़ रुपये

सैफरॉन की ऑन लाइन नीलामी में मेहता की काली को मिले 26.4 करोड़  रुपये

 गुरुवार 14 जून को हुई सैफरॉन आर्ट की ऑन लाइन नीलामी माइलस्टोन 200 ऑक्षन में तैयब मेहता की पेंटिंग काली को रिकार्ड कीमत 26.4 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। इस बिक्री से तैयब मेहता के नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
सैफरॉन आर्ट के को फाउण्डर और सीइओ दिनेश वजीरानी ने कहा कि, आधुनिकतावादी तैयब मेहता ने आज सैफरॉन आर्ट के समर ऑनलाइन नीलामी में 26.4 करोड़ रुपये में काली (1989) की बिक्री के साथ एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह पेंटिंग मानवीय मन की दुविधा,अच्छाई और बुराई की लड़ाई, सृजन और विनाश को लेकर अंतद्र्वद को दर्शाती है।
वजीरानी ने कहा कि, काली के खरीददार का नाम जाहिर नहीं किया जा सकता क्योंकि ऐसा करना कम्पनी के नियम के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि, मेहता की काली ने आधुनिक भारतीय कला बिक्री में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है और भारतीय कला के लिए ऑनलाइन नीलामी के आगे का रास्ता खोला है।
जीवन का अधिकांश समय मुंबई में बिताने वाले मेहता का दो जुलाई 2009 को दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। साल 2007 में वह पद्म भूषण से नवाजे गए थे।
नीलामी में अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां
नीलामी में 85 प्रतिशत लॉट की बिक्री के साथ  75 करोड़ रुपये की राशि हासिल की गई। नीलामी में पांच अन्य कलाकारों - एन एस बेंद्रे, एम वी धुंधंधर, संको चौधरी, शीला मखीजानी और धनंजय सिंह के विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित हुए।
बेंद्रे की 1974 में बनी एक शीर्षकहीन कृति को 1.32 करोड़ रुपये मिले। जबकि इसका शुरुआती अनुमान 40-60 लाख रुपये लगाया गया था। धुरंधर जल रंग चित्रकला- ताराबाई फाउण्डर ऑफ कोल्हापुर कॉन्फीडरसी  जिसे चित्रकार ने 19 27 में चित्रित किया था को 60.98 लाख रुपये की बिक्री राशि प्राप्त हुई जबकि इसका शुरुआती अनुमान 9.9-13.2 लाख रुपये लगाया गया था।
संको चौधरी के कांस्य मूर्तिशिल्प का शुरुआती अनुमान 15-20 लाख रुपये लगाया थ जिसे बिक्री से  39.9 लाख रुपये प्राप्त हुए। और माखीजानी के चित्र व्हाट वेयर यू थिंकिंग (2007) को 14 लाख रुपये में बेचा गया जबकि इसका बिक्री अनुमाने 10-15 लाख रुपये लगाया गया था। धनंजय सिंह की 2013 में निर्मित कृति कृति द लास्ट ट्री  को 25.35 लाख रुपये, के बिक्री अनुमान की तुलना में 37.3 लाख रुपये की प्रप्ति हुई।
इनके साथ ही बिक्री के लॉट में वी एस गायतोंडे, राजा रवि वर्मा, एस एच रजा, मनजीत बावा, अकबर पदमसी और सुबोध गुप्ता जैसे नाम भी शामिल थे।    -गायत्री